India’s first speaking movie Was not burnt, print of ‘Alam Ara’ was sold in SCRAP – जले नहीं थे ‘आलम आरा’ के प्रिंट, कबाड़ में बेच दी गई थी भारत की पहली बोलती फिल्म

14 मार्च 1931, हिंदी सिनेमा जगत में क्रांति का दिन। इस दिन हिंदी सिनेमा जगत की पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ को बड़े पर्दे पर दिखाया गया था। निर्देशक आर्देशिर ईरानी की इस फिल्म में मास्टर विट्ठल, जुबैदा, सुशीला और पृथ्वीराज कपूर ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। फिल्म का पहला गाना ‘दे दे खुदा के नाम पर’ काफी हिट हुआ था। यह एक राजकुमार और बंजारन के बीच प्यार की कहानी थी, जो एक पारसी नाटक से ली गई थी जिसके लेखक जोसेफ डेविड थे। ‘आलम आरा’ को मुंबई के मेजस्ट‍िक सिनेमा में रिलीज किया गया था। इस फिल्म के लिए लोग किस कदर पागल हो गए थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करनी पड़ी थी। लेकिन यह दुर्भाग्य ही है कि आज इस फिल्म के सभी प्रिंट अब नष्ट हो चुके हैं। केवक कुछ तस्वीरों और बचीकुची क्लीप के अलावा कुछ नहीं है। बताया जाता है कि इस फिल्म के प्रिंट कबाड़ी को कौड़ियों के भाव बेच दिए गए थे। चलिए बताते हैं आखिर क्या था पूरा मामला।

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दरअसल कुछ लोगों को मानना है कि इस फिल्म के कुछ प्रिंट नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया में महफूज थे लेकिन बाद में आग में जलकर नष्ट हो गए थे। बता दें कि साल 2003 में नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया में आग लग गई थी जिसमें कई फिल्मों के प्रिंट जल गए थे। तभी माना गया था कि इस आग में भारत की पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ के प्रिंट भी जल गए थे लेकिन ऐसा नहीं है।

एन.एफ.ए.आई में आग लगने से कई साल पहले NFIA के फाउंडर पीके नायर ‘आलम आरा’ के डायरेक्टर आर्देशिर ईरानी के पास लेने गए थे। तब आर्देशिर ईरानी ने अपने बेटे शापूर ईरानी को फिल्म के प्रिंट पीके नायर को देने के लिए कहा। पीके नायर और शापूर जिस वक्त प्रिंट का बॉक्स लेकर सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे उस वक्त शापूर ने उन्हें बताया कि फिल्म के प्रिंट की एक भी रील इस बॉक्स में नहीं है।

शापूर ने बताया कि कुछ फिल्मों के प्रिंट के रखरखाव में काफी मुश्किलें आ रही थीं इसलिए उन्हें कबाड़ी को बेच दिया और उनमें ‘आलम आरा’ के प्रिंट भी थे। उन्होंने बताया कि फिल्म के प्रिंट नाइट्रेट चांदी के बने थे। उस वक्त नाइट्रेट चांदी से बनी 35mm रील्स का भाव 100 रुपए प्रति किलोग्रा था। दरअसल यह किस्सा 92.7 बिग एफ. एम. पर प्रसारित होने वाले फेमस शो सुहाना सफर विद अन्नू कपूर में बताया गया था।

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