अब GPS के जरिये मिलेगी ट्रेनों की रियल-टाइम लोकेशन, इस रूट के ट्रेनों में लगेगा नया सिस्टम – Indian railway to give real time location of its Train timing running train through RPMA real time punctuality monitoring and analysis National train enquiry system NTES

इंडियन रेलवे अब आपकों ट्रेन के लोकेशन की एकदम सटीक जानकारी दिया करेगा। रेलवे इसके लिए ट्रेनों में ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (GPS) से जुड़ा एक सिस्टम लगाने जा रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने देश के सभी 16 रेल जोन्स को इस सिस्टम को लागू करने को कहा है। इस सिस्टम को रियल टाइम पंक्चुआलिटी मॉनिटरिंग एंड एनालिसिस (RPMA) कहते हैं। इस सिस्टम की मदद से ट्रेनों को अपने निर्धारित समय पर लक्ष्य पर पहुंचने में तो मदद मिलेगी ही, ट्रेनों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये सुविधा अगले साल फरवरी के अंत तक दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रूट पर शुरू कर दी जाएगी। धीरे-धीरे इस सुविधा को देश भर में लागू किया जाएगा। रेलवे के मुताबिक वर्तमान प्रणाली में ट्रेनों की लोकेशन को अपडेट करने में देर होने की गुंजाइश है। एक रेलवे सूत्र ने इसे उदाहरण देकर समझाया, ‘मान लीजिए कोई ट्रेन सुबह 8.30 पर गाजियाबाद स्टेशन पार करती है, इसके बाद स्टेशन मास्टर कंट्रोलर को इसकी सूचना देता है, स्टेशन मास्टर सिस्टम में इसकी एंट्री करता है, इसके बाद ये डाटा NTES पर दिखता है।’

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रेलवे की नयी प्रणाली RPMA अलग तरीके से काम करती है। इस तकनीक का परीक्षण अक्टूबर महीने में मुगलसराय डिवीजन में किया भी गया था। रेलवे के मुताबिक ये प्रयोग सफल रहा है। मुगलसराय के डिविजनल रेलवे मैनेजर ने इसके बारे में समझाया, ‘नयी प्रणाली जीपीएस के जरिये मैप और स्पीड चार्ट पर ट्रेन के मूवमेंट पर लगातार नजर रखती है, इसमें स्टेशन के लोकेशन की जानकारी पहले से दी होती है।’ उन्होंने कहा कि स्पीड चार्ट की मदद से रेलवे अधिकारियों को ये जानने में सुविधा होती है कि क्या ट्रेन अपने अधिकतम स्पीड पर चल रही है? या फिर लेट चल रही है? इसकी मदद से ट्रेन के एक्सट्रा स्टॉपेज और सिग्नल चेक की भी जानकारी मिलती रहती है।

पायलट प्रोजेक्ट के दौरान पता चला कि कई ट्रेनें अपने निर्धारित स्पीड पर नहीं चल रही थीं। कई बार रेलवे ड्राइवर लापरवाह थे। कुछ ट्रेनें लेट शुरू हुई थीं, कुछ का स्टॉपेज ज्यादा था। कई बार तो ट्रेन की स्पीड मापने वाली मीटर ही गलत निकली। रेलवे के मुताबिक नये सिस्टम से इन सभी खामियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

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