आधार बिक्री पर एफआईआर: मंत्री ने दी सफाई तो आपबीती बताने लगे लोग, खुली व्‍यवस्‍था की पोल- Aadhaar data breach: Committed to freedom of Press, said Union Law and IT minister Ravi Shankar Prasad

आधार नंबर बिकने की खबर प्रकाशित करने वाले अखबार और पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर अब केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सफाई दी है। सोमवार (8 जनवरी, 2017) को उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि हमारी सरकार प्रेस की आजादी के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही सरकार आधार की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा, ‘एफआईआर अज्ञात शख्स के खिलाफ की गई है। मैंने यूआईडीएआई को सुझाव दिया है कि वह ट्रिब्यून और उसके प्रत्रकार का समर्थन करें कि वो असली आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस की मदद करें। हालांकि इस ट्वीट के बाद केंद्रीय मंत्री खुद ट्विटर यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं।

कई यूजर्स ने उनसे तीखे सवाल पूछे हैं। एक ट्वीट में लिखा गया है कि टेलीकॉम कंपनी बिना उनकी पूर्व सूचना के अकाउंट से पैसा निकाल रही हैं, इसपर भी वह कुछ टिप्पणी करें। एक ट्वीट में प्रसाद पर तंज कसते हुए लिखा गया कि क्या कोई एफआईआर एयरटेल के खिलाफ दर्ज की गई है? वो पेमेंट बैंक अकाउंट से बिना यूजर की सहमति से पैसे कैसे निकाल सकते हैं? क्या ट्वीट में लिखा गया कि यूआईडीएआई के खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा? उन्होंने हमारे डेटा के साथ समझौता किया है। एक यूजर धीरज तंज कसते हुए लिखते हैं, ‘बस होट हिला दिए। अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो प्लीज यूआईडीएआई से कहिए कि वो ट्रिब्यून और उसके पत्रकार के खिलाफ एफआईआर वापस लें।’ एक ट्वीट में प्रसाद गुमराह करने का आरोप लगाया है।  ट्वीट में लिखा गया कि एफआईआर में पत्रकार नाम लिखा है।

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पता दें कि प्रसाद से पहले पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद UIDAI ने भी सफाई दी थी। UIDAI ने कहा कि एफआईआर दर्ज करवाकर वह व्हिसलब्लोवर और मीडिया को टारगेट नहीं कर रहा है बल्कि अपना काम कर रहा है। UIDAI ने ट्विटर पर एक स्टेटमेंट जारी करते हुए लिखा, ‘हाल ही में ‘द ट्रिब्‍यून’ की जिस रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर की गई है, उसके बाद से मीडिया में यह कहा जा रहा है कि यूईडीएआई मीडिया या व्हिसलब्लोवर्स को टारगेट कर रहा है और मैसेंजर को शूट कर रहा है, लेकिन यह बात बिल्कुल भी सही नहीं है। हम प्रेस और मीडिया की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं। हमारे द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के कदम को मीडिया पर या व्हिसलब्लोवर्स पर हमले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।’ इसके साथ यूईडीएआई ने ट्विटर पर इस मामले की पूरी जानकारी भी दी है।

देखें ट्वीट्स-

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