ओवैसी बोले- सऊदी हज अथॉरिटी ने दी है महिलाओं को बिना मेहरम हज की इजाजत, पीएम मोदी क्यों ले रहे क्रेडिट? – Saudi Haj authorities allowed any Muslim women above 45 years from any country without Mehram to do Haj said Owaisi AIMIM

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बगैर मेहरम (पुरुष अभिभावक) हज पर महिलाओं के जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि विदेशी सरकार जो काम पहले ही कर चुकी है उसका श्रेय प्रधानमंत्री को नहीं लेना चाहिए। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने एएनआई से कहा कि सऊदी हज अथॉरिटी ने 45 साल से अधिक किसी भी देश की मुस्लिम महिला को बगैर मेहरम हज पर जाने की अनुमति दी है। उन्होंने आगे कहा कि जो काम विदेशी सरकार ने किया उसका श्रेय पीएम मोदी को नहीं लेना चाहिए।

दरअसल ये विवाद ऐसे समय में उठा है जब पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 2017 के अंतिम संस्करण में रविवार को कहा ‘मैंने देखा है कि अगर कोई मुस्लिम महिला हज यात्रा के लिए जाना चाहती है तो वह बिना ‘मेहरम’ (पुरुष संरक्षक) के नहीं जा सकती। और जब मैंने इस बारे में पता किया तो मुझे पता चला कि वह हम लोग ही हैं, जिन्होंने महिलाओं के अकेले हज पर जाने पर रोक लगा रखी है। इस नियम का कई इस्लामिक देशों में अनुपालन नहीं किया जाता।

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मोदी ने आगे कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने यह प्रतिबंध हटा लिया है और अब मुस्लिम महिलाओं को बिना किसी पुरुष संरक्षक के हज यात्रा करने की अनुमति होगी।’ मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने आगे कहा कि अब तक, 1,300 महिलाएं बिना मेहरम के हज यात्रा करने के लिए आवेदन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पुरुषों की तरह समान अवसर मिलने चाहिए।

इसपर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी बगैर मेहरम (पुरुष अभिभावक) के हज पर मुस्लिम महिलाओं के जाने की पीएम की घोषणा का विरोध किया है। AIMPLB सेक्रेटरी मौलाना अब्दुल हामिद अजहरी ने कहा कि यह एक धार्मिक मसला है, ऐसा मामला नहीं है कि जिसे की संसद में लाया जाए और उस पर कानून बनाया जाए। पीएम मोदी की घोषणा से नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, ‘99 प्रतिशत आदमी और मुसलमान अपने धर्म का वैसा ही पालन करते हैं जैसा कि उनके धर्मगुरु कहते हैं, ना कि पीएम मोदी जी या कोई और जैसा कहता है।’

अजहरी ने कहा कि एक मुस्लिम महिला बिना पुरुष साथी के तीन दिन या फिर 78 मील से ज्यादा सफर नहीं कर सकती है, चाहे वह हज जाना हो या कहीं दूसरी जगह।’ पुणे में मौलाना ने कहा कि यदि एक महिला के पास पुरुष अभिभावक नहीं है और उसके पास मेहरम को हज पर ले जाने के लिए पैसे भी नहीं हैं तो उसे अकेले जाने की इजाजत है।

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