केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी- सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में की 5000 की बढ़ोत्तरी, अब रिकॉर्ड 175025 भारतीय करेंगे हज – Mukhtar Abbas Naqvi Told That Saudi Arab Raises 5000 Haj Quotas in India

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि सऊदी अरब की सरकार ने भारत के हज कोटे में 5,000 की बढ़ोत्तरी की है और अब रिकॉर्ड 1,75,025 भारतीय हज पर जा सकेंगे। यह भारत के लिए अब तक का सर्वाधिक हज कोटा है। उन्होंने हज कोटे में बढ़ोत्तरी का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अरब देशों खासकर सऊदी अरब के साथ संबंधों में आई मजबूती को दिया। नकवी ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “कांग्रेस सरकार में भारत का हज कोटा 1 लाख 36 हजार 20 था जो पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी के साथ 1 लाख 75 हजार हो गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और उनके नेतृत्व में सऊदी अरब सहित अन्य अरब देशों के साथ भारत के मधुर एवं मजबूत होते संबंधों का नतीजा है।”

नकवी ने भारत के कोटे में बढ़ोत्तरी किए जाने लिए सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज एवं सऊदी अरब की सरकार को भारत की सरकार एवं जनता की तरफ से धन्यवाद दिया। पिछले दिनों सऊदी अरब के मक्का में नकवी एवं सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्री डॉ. मुहम्मद सालेह बिन ताहिर बिनतेन द्वारा हज-2018 के सम्बन्ध में द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद भारत के हज कोटे में बढ़ोत्तरी का यह फैसला किया गया है।

बड़ी खबरें

नकवी ने कहा, “हज समझौते पर हस्ताक्षर के बाद सऊदी अरब ने भारत का हज कोटा बढ़ाकर 1,75,025 कर दिया।” नकवी ने सोमवार को कहा था कि भारत से पानी के जहाज द्वारा हज यात्रा को भी सऊदी अरब की सरकार ने हरी झंडी दे दी है और दोनों देशों के संबंधित अधिकारी आवश्यक औपचारिकताओं और तकनीकी पहलुओं पर काम शुरू करेंगे ताकि आने वाले वर्षों में हज यात्रा को समुद्री मार्ग से दोबारा शुरू किया जा सके।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, सोमवार को सऊदी अरब के मक्का में नकवी ने सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्री डॉ. मुहम्मद सालेह बिन ताहिर बिनतेन के साथ ‘हज-2018’ के सम्बन्ध में द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किया। इस दौरान सऊदी अरब सरकार ने भारत से पानी के जहाज से हज यात्रा दोबारा शुरू किए जाने को हरी झंडी दे दी। नकवी ने कहा, ‘‘हज यात्रियों का मुंबई से समुद्री मार्ग के जरिए जेद्दा जाने का सिलसिला 1995 में रुक गया था। हज यात्रियों को जहाज (समुद्री मार्ग) से भेजने पर यात्रा संबंधी खर्च काफी कम हो जाएगा।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *