गुजरात चुनाव परिणाम 2017: कम सीटों के बाद बीजेपी के सामने नई मुश्किल, गंवानी पड़ेंगी दो राज्य सभा सीटें – Gujarat Election Result 2017, Gujrat Vidhan Sabha Chunav Results 2017: Narrow win in Gujarat assembly elections to cost BJP two Rajya sabha seats

बीजेपी ने सोमवार को भले ही गुजरात विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर ली हो, लेकिन राज्य सभा में अगले साल मार्च में 14 राज्यों के 50 से ज्यादा सदस्यों के चयन के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनावों में पार्टी अपनी सभी सीटें बरकरार नहीं रख पाएगी। टीओआई के मुताबिक 2 अप्रैल 2018 को पार्टी के चार राज्य सभा सदस्य रिटायर हो जाएंगे। गुजरात विधान सभा चुनावों में 99 सीट जीतने वाली बीजेपी केवल 2 ही सीटें (एक राज्यसभा सीट के लिए 36 विधायकों का वोट जरूरी होता है) बचा पाएगी, जबकि बाकी दो कांग्रेस के खाते में जाएंगी। जो भाजपा सदस्य अप्रैल में राज्य सभा से रिटायर होंगे, उनमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, परषोत्तम रुपाला, मनसुख मंडाविया और शंकरभाई वेगाद शामिल हैं।

फिलहाल 11 राज्य सभा सदस्यों में से 9 बीजेपी के लिए इस राज्य से आते हैं। अगले द्विवार्षिक चुनावों के बाद बीजेपी के सिर्फ 7 सदस्य रह जाएंगे। गौरतलब है कि यूपी और महाराष्ट्र विधान सभा चुनावों के बाद बीजेपी ने राज्य सभा में अपनी स्थिति मजबूत की थी। उसे यूपी से 7 और महाराष्ट्र से 2 सीटें मिलेंगी, जिससे अगले साल NDA की सूची 84 से बढ़कर 100 के करीब पहुंच जाएगी। हिमाचल प्रदेश में मिली जीत से बीजेपी राज्य सभा में अपनी सीट बचा पाएगी। 2 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश से बीजेपी के राज्य सभा सांसद और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा रिटायर हो जाएंगे।

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गौरतलब है कि पिछले चार दशक से गुजरात में किसी भी पार्टी या गठबंधन की सरकार 100 से कम विधायकों की संख्या से नहीं बनी है लेकिन 1975 के बाद अब ऐसा पहली बार होगा जब गुजरात में मात्र 99 विधायकों के सहारे यानी डबल डिजिट के आंकड़े के साथ ही बीजेपी सरकार बनाएगी। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2002 में जब गुजरात विधान सभा के चुनाव हुए थे तब बीजेपी को सबसे ज्यादा 127 सीटें मिली थीं। उसके बाद से बीजेपी की सीटों में लगातार कमी होती गई है। उससे पहले साल 1998 के चुनावों में बीजेपी को 117, 1995 के चुनावों में 121 सीटें मिली थीं। 2007 में भी बीजेपी को 117 और 2012 में 116 सीटें मिली थीं।

साल 1990 में जनता दल और बीजेपी ने साथ मिलकर गुजरात चुनाव लड़ा था, तब इस गठबंधन को कुल 137 सीटें मिली थीं। गौर करने वाली बात है कि गुजरात में साल 1975 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को मात्र 75 और नेशनल कांग्रेस ऑर्गनाइजेशन (एनसीओ) को मात्र 56 सीटें आई थीं, तब एनसीओ की तरफ से बाबू भाई पटेल मुख्यमंत्री बने थे। उसे कांग्रेस ने समर्थन दिया था। अब मात्र 99 विधायकों के साथ बीजेपी गुजरात में सरकार बनाएगी। विधायक दल का नया नेता चुनने के लिए पार्टी के संसदीय बोर्ड ने पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है। अरुण जेटली और सरोज पांडे जल्द ही गुजरात जाकर नए सीएम कैंडिडेट का चुनाव कराएंगे।

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