सुंजवां हमला: ओवैसी बोले- 7 शहीदों में से 5 कश्मीरी मुस्लिम थे, मुसलमानों की वफादारी पर शक करने वाले सबक लें – AIMIM chief Asaduddin Owaisi reacts on sujwan Army camp terrorsists attack of Jammu says 5 out of 7 dead were from Kashmir muslims

जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए हमले के सिलसिले में सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया। ओवैसी ने इस मामले को अलग नजरिये से पेश करते हुए कहा है कि इस हमले में जो 7 लोग शहीद हुए हैं उनमें से 5 कश्मीरी मुस्लिम थे। ओवैसी ने कहा, ” रोज रात में 9 बजे टीवी चैनल के ऊपर मुसलमानों की नेशनलिज्म पर सवाल उठाये जाते हैं, कश्मीरियों पर इल्जाम लगाये जाते हैं, अब 7 में से 5 मरने वाले कश्मीरी मुसलमान हैं, अब इसके ऊपर क्यों नहीं बोला जा रहा है कि मरने वाले भी कश्मीरी मुसलमान हैं, इस पर पूरे मुल्क में खामोशी क्यों हैं, सन्नाटा क्यों हैं? इससे उनलोगों को सबक हासिल करना पड़ेगा जो मुसलमानों की वफादारियों पर शक करते हैं, जो मुसलमान को आज भी पाकिस्तानी कह कर पुकारते हैं, हम तो जान दे रहे हैं।” ओवैसी ने कहा कि दहशतगर्द सभी को सिर्फ हिन्दुस्तानी मानते हैं और उन्हें गोली मारते हैं लेकिन हिन्दुस्तान में कुछ लोग अभी भी मुसलमानों पर शक करते हैं।

संबंधित खबरें

AIMIM चीफ ने जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी-पीडीपी वाले दोनों बैठ कर मलाई खा रहे हैं, ये इनकी नाकामी है, कब तक ड्रामा करते रहेंगे ये लोग, अब ये सोचना है कि इन चीजों का उत्तरदायित्व किसका है। बता दें कि सुंजवान सैन्य शिविर पर हमले में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। इनमें 6 जवान और एक नागरिक हैं। छठे जवान का शव मंगलवार (13 फरवरी) को कैंप से बरामद हुआ। बता दें कि शहीद जवानों में मदन लाल चौधरी, मोहम्मद अशरफ, हबीबुल्लाह कुरैशी, इकबाल शेख, मंजूर अहमद, राकेश चन्द्र शामिल हैं। इसके अलावा इकबाल शेख के पिता मोहिद्दीन शेख भी हमले में मारे गये।

बता दें कि 10 फरवरी को भारी हथियारों से लैस जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ग्रेनेड फेंकते हुए और स्वचालित हथियारों से गोलीबारी करते हुए सुंजवान स्थित सैन्य शिविर में घुस आए थे। पाकिस्तानी मूल के तीनों आतंकवादी जूनियर कमिशन्ड ऑफिसर के आवासीय क्वार्टर में प्रवेश करने में कामयाब रहे थे, जिन्हें बाद में सुरक्षा बलों ने मार गिराया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *