2G Scam Verdict: BJP MP Subramanian Swamy admits- CBI-ED works under political pressure – 2जी घोटाला: बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने माना, सीबीआई करती है दबाव में काम

2जी घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। कांग्रेस ने जहां बीजेपी और पूर्व सीएजी विनोद राय पर निशाना साधा है वहीं बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सीबीआई को ही कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि सीबीआई के अधिकारियों ने ईमानदार तरीके से इस केस में काम नहीं किया। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर भी केस में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। फैसला आने के बाद मीडिया से बात करते हुए स्वामी ने कहा कि वो इस फैसले से निराश हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाना चाहिए।

स्वामी ने जांच में सीबीआई की तरफ से लापरवाही बरते जाने पर कहा कि सीबीआई के कई बड़े अधिकारी पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के प्रभाव में थे। उन्होंने रहा कि जज ने भी अपने फैसले के 18/12 पैरा में लिखा है कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि सीबीआई के लोग साबित क्या करना चाहते हैं। स्वामी ने कहा कि जब यह केस रजिस्टर्ड हुआ था तब इसकी जांच को लेकर अधिकारियों में उत्साह था लेकिन धीरे-धीरे वह उत्साह खत्म हो गया। स्वामी ने पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी  की टिप्पणी पर भी सवाल उठाया है। बता दें कि मुकुल रोहतगी ने इस फैसले का स्वागत किया है। स्वामी ने कहा कि रोहतगी पहले 2जी घोटाले में वकील रह चुके हैं।

स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के कई ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि राजेश सिंह को तीन-तीन बार ईडी से निकाला गया लेकिन उनका केस लड़कर उन्होंने सिंह को बहाल करवाया। स्वामी ने कहा कि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वो इस मामले में प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत स्तर पर पत्र लिखेंगे। स्वामी ने भरोसा जताया कि जयललिता के केस की तरह इस केस के फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट पलट देगा। बता दें कि 2जी मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने ही सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।

बता दें कि दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार (21 दिसंबर) को 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2जी घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार के समय स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन में 1.76 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने की बात तत्कालीन सीएजी विनोद राय ने उठाई थी। तब विपक्ष ने इसे घोटाला कहा था। इसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनीमोई के अलावा अन्‍य को भी आरोपी बनाया गया था। आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज किया था। सीबीआई की चार्जशीट पर विशेष अदालत ने वर्ष 2011 में मामले के 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

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