Bihar CM Nitish Kumar takes U-tern on Sand mining, RJD, Lalu Yadav, Bihar Band – लालू के चक्का जाम से पहले नीतीश का यू-टर्न, अब पुराने नियम से ही होगा बालू खनन

राजद अध्यक्ष लालू यादव के आह्वान पर गुरुवार (21 दिसंबर) को बुलाए गए बिहार बंद से पहले ही नीतीश सरकार ने बालू खनन नीति पर यू-टर्न ले लिया है। बुधवार (20 दिसंबर) का शाम राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने अब पुराने नियम के तहत ही राज्य में बालू खनन कराने का फैसला किया है। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई जिसमें फैसला किया गया कि बालू खनन से जुड़े पुराने लाइसेंस फिर से बहाल कर दिए जाएं और पुराने नियम के अनुसार ही बालू खनन कराया जाय। हालांकि ई चालान की व्यवस्था कायम रहेगी। साथ ही अब ठेकेदारों को 100 हेक्टेयर की ही बंदोबस्ती की इजाजत होगी।

इस खबर के बाद विपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया, “बिहार की न्यायप्रिय जनता की वाजिब माँगों और तानाशाही खनन नीति के विरोध के आगे नीतीश सरकार के घुटना टेकने पर जनता को असीम बधाई।” दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मुख्यमंत्री को अपने अहंकार संतुष्टि के लिए बालू व गिट्टी बंदी और नीति पर लिए तानाशाही फ़ैसले को पलटने के बाद अब बिहार के ग़रीब मज़दूरों से माफ़ी माँगनी चाहिए। ग़लत निर्णय था तभी तो पलटा। ग़लत निर्णय पर बिहार के दलितों और अतिपिछड़ों से माफ़ी माँगनी चाहिए।”

गुरुवार के राज्यव्यापी बंद पर भी तेजस्वी ने ट्वीट किया, “जबतक सरकार मज़दूरों की पूर्ण माँगों और विगत महीनों में उनको हुए आर्थिक नुक़सान की भरपाई नहीं करती राजद का विरोध और संघर्ष चलता रहेगा। कल बिहार बंद जारी रहेगा।” एक और ट्वीट कर राजद नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच उपजे कन्फ्यूजन को दूर करते हुए तेजस्वी ने लिखा, “नो कन्फ़्यूज़न! कल राजद का बिहार बंद मज़बूती से जारी रहेगा। सत्ता नहीं ग़रीबों के लिए संघर्ष ही हमारी राजनीति है।”

बता दें कि नीतीश सरकार ने राज्य में खनन नीति को पलट दिया था और सभी खनन ठेकों को रद्द करते हुए ऑनलाइन बालू बिक्री की व्यवस्था की थी। इस नीति का राज्यभर में विरोध हो रहा है। हालांकि, पटना हाईकोर्ट ने इसे सही ठहराया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया।

 

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