BJP leader Giriraj Singh said that Hindu religion is very liberal that is why filmmakers made PK and Padmavati types of films – बीजेपी के मंत्री गिरिराज सिंह का बड़ा बयान- हिंदू धर्म के लिबरल होने का फायदा उठाते हैं फिल्मकार, पहले ‘PK’ बनाई अब ‘पद्मावती’

संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर जारी विवाद के बीच अब बीजेपी के मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि हिंदू धर्म बहुत लिबरल है, जिसका फायदा फिल्मकार उठाते हैं। गिरिराज ने कहा, ‘फिल्मकार हिंदू धर्म के लिबरल होने का फायदा उठाते हैं। कभी कोई फिल्म बनाते हैं तो कभी कुछ। पहले ‘पीके’ बनाई थी और अब पद्मावती बनाई है।’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हमारे आदर्श हैं, अगर उनके चरित्र का देश की स्वतंत्रता के अलावा कोई और दृश्य दिखाया जाएगा तो ये कुबूल नहीं। उसी तरह से महाराणा प्रताप हो गए, शिवाजी हो गए, रानी लक्ष्मीबाई, रानी पद्मावती हमारे आदर्श हैं। उनके शौर्य की गाथा दिखाना, उनकी वेशभूषा भी वैसी ही दिखाना जैसी है, ये तो उचित है, लेकिन इसके अलावा कुछ भी देखना देश को कुबूल नहीं। क्या इन फिल्मकारों ने किसी दूसरे धर्मों के प्रति कभी ऐसे चित्र बनाए हैं, हिंदू धर्म लिबरल है, इसलिए ऐसी फिल्म बना दी जाती हैं। कभी पीके बना देते हैं तो कभी कुछ, ऐसा हमेशा से होते रहा है और अब ये बर्दाश्त नहीं।’

संबंधित खबरें

बता दें कि दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर फिल्म पद्मावती का राजपूत करणी सेना लगातार विरोध कर रही है। करणी सेना व अन्य राजपूत समुदायों की ओर से फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। उनका दावा है कि फिल्म में इतिहास को विकृत करके पेश किया गया है। फिल्म के कुछ दृश्यों, जिनमें फिल्म में पद्मावती का किरदार निभा रही अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की ओर से पेश नृत्य भी शामिल है, से राजपूत समुदाय के लोग नाराज हैं।

देशभर में फिल्म के विरोध में चल रही लहर की वजह से निर्माताओं ने 1 दिसंबर को फिल्म रिलीज ना करने का फैसला किया। वहीं केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने भी फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं दिया और इसे वापस लौटा दिया था। ऐसा माना जा रहा था कि विरोध की वजह से बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफाई करने से मना कर दिया है लेकिन असल वजह एप्लीकेशन का अधूरा होना है। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत करते हुए सेंसर बोर्ड के सीईओ अनुराग श्रीवास्तव ने कहा- निर्माताओं ने डिस्क्लेमर नहीं दिया था। हम निर्माताओं से जानना चाहते हैं कि आपका इसपर क्या आधिकारिक स्टैंड है। यह फिक्शन पर आधारित है या फिर ऐतिहासिक तथ्यों पर- आपको यह बताना होगा। इसे बताए बिना डॉक्यूमेंट अधूरा था। परीक्षा के उद्देश्य से हमें यह पता होना चाहिए कि निर्माता फिल्म में क्या कह रहे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *