BJP MP Virendra Singh writes to Prakash Javadekar to focus on Karma Kanda in Sanskrit schools – खेती-रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कर्मकांड पर ध्यान दें, बीजेपी सांसद ने प्रकाश जावड़ेकर को लिखी चिट्ठी

बीजेपी सांसद ने सरकार से देश के संस्कृत विद्यालयों में कर्मकांड की शिक्षा पर ध्यान देने के लिए कहा है। सांसद के मुताबिक इससे ऋषि खेती और रोजगार में इजाफा होगा। भदोही से बीजेपी सांसद और बीजेपी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह (मस्त) ने संस्कृत विद्यालयों में कर्मकांड की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखा है। वीरेंद्र सिंह के मुताबिक इससे उन युवाओं को रोजगार मिलेगा जो खेती से जुड़े हुए हैं। सांसद ने दावा किया के वह अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद निधि से 1 करोड़ रुपये 10 भवनों के निर्माण के लिए दे चुके हैं, इससे संस्कृत विद्यालयों में सिखाए जाने वाले कर्मकांड की शिक्षा दी जा सके।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे अपने पत्र में वीरेंद्र सिंह ने कहा- कर्मकांड संस्कृति का बुनियादी तत्व ही नहीं है, यह सीधा हमारे कृषि जीवन से जुड़ा है। भदोही के संस्कृत विद्यालयों में कर्मकांड की शिक्षा शुरू हो चुकी है। इंडियन एक्प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा- कर्मकांड की शिक्षा पहले से ही संस्कृत विद्यालयों में दी जा रही हैं। इसके संबंध में केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखने का उद्देश्य यही है कि कर्मकांड शिक्षा पर ध्यान देकर सनातन परंपरा को मजबूत किया जा सके, गांवों की आर्थिक स्थिति, ग्रामीण जीवन और सामाजिक सद्भाव को भी ताकत मिलेगी।

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वीरेंद्र सिंह ने कहा- इससे देश ही नहीं, विदेशों में भी ढेरों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विदेशों में ऐसे लोगों की बहुत मांग है जो कर्मकांड करा सकें,  वहां केवल कथा करने के ही 5-10 लाख रुपये मिल जाते हैं। यहां भी एक शादी कराने के लिए लोगों को 10 हजार रुपये तक मिल जाते हैं। कर्मकांडियों की कमी की वजह से सामाजिक सद्वभाव खत्म हो रहा है। कर्मकांड में जितनी भी चीजें इस्तेमाल होती है वे सारी खेती कर उगाई जाती हैं। उन्होंने यज्ञ का उदाहरण दिया- जैसे कि यज्ञ में दूध, तिल, जौ, घी और गुड़ आदि इस्तेमाल किया जाता है, वो सब खेती की देन है। कर्मकांड में खेती के विस्तार और गृहस्त जीवन के बारे मे शिक्षा दी जाती है।

बीजेपी नेता ने कहा कि देश में संस्कृत विद्यालय पहले से ही चल रहे हैं, मैं बस उनमें कर्मकांड की शिक्षा पर ध्यान देने की बात कह रहा हूं। इससे छात्रों और सुविधाओं की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सांसद निधि से वह जो 10 भवन बनवा रहे हैं, वे मकर संक्राति (14 जनवरी) के बाद शुरू हो जाएंंगे।

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