Income Tax department sends Rs 30.67 crore tax notice to Delhi CM Arvind Kejriwal’s Aam Aadmi Party – दिल्‍ली: आयकर विभाग ने अरविंद केजरीवाल की AAP को भेजा 30.67 करोड़ रुपये का नोटिस

दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) को आय कर विभाग ने 30.67 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस थमाया है। इसके साथ ही आय कर विभाग ने आप से पूछा है कि 13 करोड़ की अघोषित संपत्ति के बारे में विभाग को सूचना क्यों नहीं दी। इसके अलावा विभाग ने उन 462 दान दाताओं का रिकॉर्ड नहीं रखने पर भी अरविंद केजरीवाल की पार्टी की खिंचाई की है जिन्होंने करीब 6 करोड़ रुपये दान दिए हैं। आय कर विभाग का नोटिस आप की पांच साल पूरे होने के ठीक अगले दिन आया है। पार्टी ने 26 नवंबर को ही अपनी स्थापना के पांच साल पूरे किए हैं।

आप को भेजे गए नोटिस में आय कर विभाग ने उन दान दाताओं की लिस्ट थमाई है जिन्होंने 20,000 रुपये से ज्यादा का चंदा दिया है। आय कर विभाग ने यह नोटिस वित्त वर्ष 2014-15 और 2015-16 के लिए जारी किया है। विभाग ने असेसमेंट के दौरान कुल 68.44 करोड़ रुपये की आय भी पार्टी के खाते में जोड़ी है। नोटिस के मुताबिक इस राजनीतिक दल ने करीब 13 करोड़ रुपये के चंदे का खुलासा नहीं किया है।

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नोटिस में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी ने आयकर अधिनियम की प्रक्रिया को बेपटरी करने की कोशिश की है। नोटिस के मुताबिक पार्टी को जवाब देने के लिए कुल 34 बार मौके दिए गए हैं। इनमें से 5-6 बार तो उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा चुका है। बावजूद इसके पार्टी ने ठोस जवाब नहीं दिया। इस नोटिस से आम आदमी पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आप के नेता खासकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पार्टी की स्थापना के पहले से ही राजनीति में पारदर्शिता के पक्षधर रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं मगर उनकी खुद की पार्टी भी उन्हीं बुराइयों में लिप्त होती नजर आ रही है।

बता दें कि इससे पहले इसी साल मई में आय कर विभाग ने आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि आप पर कानूनी कार्रवाई क्‍यों न की जाय? आयकर विभाग ने आम आदमी पार्टी से 16 मई तक इसका जवाब देने को कहा था। आम आदमी पार्टी ने अपने चंदे का ठीक ब्योरा न तो चुनाव आयोग को दिया और न ही आयकर विभाग को दिया था। आम आदमी पार्टी पर बैंक खाते का ब्योरा, पार्टी की वेबसाइट पर दिया गया फंड का ब्योरा और आयकर विभाग को दिया गया ब्योरा अलग-अलग रखने का आरोप है।

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