Now Anil Ambani wrote a letter to Congress communication incharge Randeep Surjewala in context of Rafale jet deal and said he is deeply hurt – राफेल जेट डील पर कांग्रेस के बयानों से अनिल अंबानी दुखी गांधी परिवार से अच्‍छे रिश्‍तों का दिया हवाला

अनिल अंबानी राफेल लड़ाकू विमान खरीद समझौते में विपक्षी पार्टी कांग्रेस के आरोपों से दुखी हैं। कांग्रेस ने एयरोस्‍पेस क्षेत्र में कंपनी के अनुभव पर सवाल उठाया था। अनिल अंबानी ने अब कांग्रेस के कम्‍यूनिकेशन डिपार्टमेंट के प्रभारी और वरिष्‍ठ नेता रणदीप सुरजेवाला को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति जाहिर की है। इसमें उन्‍होंने गांधी परिवार और अंबानी घराने के बीच अच्‍छे रिश्‍तों का भी हवाला दिया है। राफेल करार को लेकर पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले पर सवाल उठा चुके हैं।

‘हिंदुस्‍तान टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल अंबानी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के आखिरी दिन 12 दिसंबर, 2017 को रणदीप सुरजेवाला को पत्र लिखा था। अनिल ने खुद और कंपनी को लेकर पार्टी नेताओं के ‘दुर्भाग्‍यपूर्ण बयानों’ पर नाराजगी जताई है। उन्‍होंने अपने पत्र में लिखा, ‘मेरे आदरणीय पिता पद्म विभूषण स्‍वर्गीय धीरूभाई अंबानी ने औपचारिक शिक्षा, अनुभव या विरासत के बिना भारत में दुनिया की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी लगाई थी। एक दूरगामी उद्योगपति के तौर पर उन्‍होंने भारत में सबसे बड़ी कंपनी की स्‍थापनी की। उनके शब्‍दों में ‘आपको प्रदर्शन करने का मौका मिलना चाहिए। अनुभव नहीं बल्कि मानसिकता, समर्पण और हमारा उद्देश्‍य एक मजबूत भारत के लोगों को काम देता है।’ हमारी कंपनी के पास न केवल अनुभव है बल्कि हम डिफेंस से जुड़े कई क्षेत्रों में अग्रणि भी हैं। मेरे पूरे परिवार का गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी के साथ चार दशकों से भी ज्‍यादा समय से मधुर संबंध रहे हैं। लेकिन, इन बयानों से हमारी भावनाओं को ठेस पहुंचा है।’ सूत्रों की मानें तो अनिल ने कांग्रेस के अन्‍य नेताओं और सांसदों को भी पत्र लिखा था।

अनिल अंबानी ने स्‍पष्‍ट किया कि फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्‍ट और रिलायंस के बीच हुआ करार पूरी तरह स्‍वतंत्र है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। भारत सरकार ने फ्रांसीसी कंपनी से लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया है। रिलायंस इसमें साझीदार कंपनी है। राहुल गांधी ने नवंबर में इस करार पर सवाल उठाते हुए किया था, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड को नजरअंदाज कर रक्षा क्षेत्र की एक अनुभवहीन व्‍यवसायी को करार में क्‍यों शामिल किया?’ इसके अलावा कांग्रेस के अन्‍य नेताओं ने भी राफेल डील को लेकर तीखे बयान दिए थे। अनिल अंबानी ने उस वक्‍त भी इन आरोपों को खारिज किया था।

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