Railway Minister Piyush Gayal says- CCTV camera will be installed in trains, wi-Fi, – मोदी सरकार इस तरह करेगी रेलवे का कायापलट, यात्रियों को एयरलाइंस की तरह मिलेगी छूट!

महिला सुरक्षा की दिशा में पहल करते हुये रेलवे ट्रेनों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने और साल 2018 को मानव तस्करी के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ने के लिए सर्मिपत करने की योजना पर विचार कर रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस योजना पर काम किया जा रहा है और उसे मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा। गोयल ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘महिला सुरक्षा के मुद्दे से निपटने के लिये हम दो क्षेत्रों में काम करने के बारे में सोच रहे हैं। इनमें ट्रेनों के अंदर वाई-फाई कनेक्टिविटी और सभी रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।”

उन्होंने कहा, ‘‘हम साल 2018 को महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार और विशेष रूप से मानव तस्करी के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ाई के लिये सर्मिपत करेंगे। हम यह देश के सभी रेलवे मंडलों में करेंगे।’’ गोयल ने कहा, ‘‘इसलिए संपूर्ण नेटवर्क के मानचित्रण के साथ सुरक्षा गार्ड, स्थानीय पुलिस थाने और जोनल एवं संभागीय मुख्यालयों को फीड भेजी जाएगी।’’ उन्होंने बताया कि रेलवे ने हाल में ही ऐसे 983 रेलवे स्टेशनों की पहचान की है, जहां निर्भया कोष के उपयोग से सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएंगे।

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भारतीय रेलवे भी होटलों और विमानन कंपनियों की तर्ज पर टिकट बुकिंग पर छूट देने की तैयारी में है। इसके तहत रेलगाड़ी के पूरा बुक नहीं होने पर रेलवे विमानन कंपनियों और होटल की तरह टिकट में छूट दे सकती है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आज फ्लेक्सी किराये में पूरी तरह से सुधार करने के संकेत देते हुए यह बात भी कही। गोयल की यह टिप्पणी फ्लेक्सी किराये स्कीम की समीक्षा के लिए छह सदस्यीय समिति के गठन के बाद आई।

वरिष्ठ अधिकारियों के एक दिवसीय सम्मेलन के बाद गोयल ने कहा, “रेलवे, विमानन कंपनी और होटलों के डायनमिक प्राइसिंग प्रारूप का अध्ययन कर रहा है। हम डायनमिक प्राइसिंग नीति पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। अभी तक हमारा ध्यान कीमतें न बढ़ें इस पर था लेकिन मैं इससे आगे जाना चाहता हूं। मैं ऐसी संभावना तलाश रहा हूं कि अगर रेलगाड़ी की सीटें नहीं भरे तो विमानन कंपनियों की तरह किराये में रियायत दी जा सके।”

गोयल ने कहा, “हम इसमें अश्विनी लोहानी की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करेंगे…जैसे होटलों में डायनामिक प्राइसिंग है। सबसे पहले कीमतें कम… फिर बाद में कीमतें बढ़ती जाती है और बाद में बचे कुछ कमरों पर बुक माय होटल और अन्य वेबसाइटों के माध्यम से छूट की पेशकश होती है।” उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि फ्लेक्सी किराए केवल रेल टिकट की कीमत में वृद्धि के लिए ही क्यों थे।

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