Shia Waqf Board Chairman Waseem Rizvi asks Prime Minister Narendra Modi to Ban Madrassa Education, says it increases Terrorism – शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी, बोले- मदरसों से बढ़ रहा आतंकवाद, लगाएं बैन

शिया वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को मदरसों पर बड़ा हमला बोला है। बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि मदरसों से आतंकवाद बढ़ रहा है। ऐसे में उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। बोर्ड चेयरमैन ने ये बातें एक चिट्ठी के जरिए पीएम तक पहुंचाई हैं। उन्होंने अपनी चिट्ठी में आगे यह भी कहा है कि मदरसों को कॉन्वेंट स्कूलों में तब्दील किया जाना चाहिए, जहां बच्चों को विषय के रूप में इस्लामिक शिक्षा को चुनने का विकल्प मिले। रिजवी की इस चिट्ठी पर आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलीमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने उन्हें सबसे बड़ा जोकर और मौकापरस्त शख्स कहा है। उनके मुताबिक, शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अपनी आत्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को बेच चुके हैं। रिजवी ने अपनी इस चिट्ठी को लेकर एक अंग्रेजी न्यूज चैनल से बात की। उन्होंने कहा, “मैंने पीएम को लिखी चिट्ठी में साफ किया है कि हिंदुस्तान में चल रहे अधिकतर मदरसे गैर मान्यता प्राप्त हैं। वे चंदे से चल रहे हैं। ज्यादातर इनसे नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को हो रहा है। यहां पढ़ने वाले अधिकतर मुस्लिम बच्चे बेरोजगारी की ओर बढ़ रहे हैं। क्योंकि यहां की पढ़ाई का स्तर काफी गिरा हुआ है। टाट-पट्टी के स्तर पर यहां मदरसों को मान्यता दी जा रही है।”

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शिया वक्फ बोर्ड के मुखिया ने आगे पूछा, “कितने मदरसों ने इंजीनियर, डॉक्टर और आइएएस अधिकारी पैदा किए हैं? मगर कुछ मदरसों ने आतंकी जरूर पैदा किए हैं।” एएनआई से बातचीत में उन्होंने मदरसों को लेकर एक सुझाव भी दिया। वह बोले, “मदरसों को सीबीएसई-आईसीएसई से मान्यता मिलनी चाहिए। उनमें अन्य धर्मों के बच्चों को भी पढ़ने की मान्यता दी जानी चाहिए। यही नहीं, धार्मिक शिक्षा का विकल्प भी वहां दिया जाना चाहिए। पीएम और यूपी के सीएम को इस बाबत चिट्ठी लिखी है। यह हमारे देश को और मजबूत बनाएगा।”

रिजवी के इस बयान पर ओवैसी ने बताया, “रिजवी सबसे बड़े जोकर हैं। वह सबसे मौकापरस्त इंसान हैं। वह अपनी आत्मा आरएसएस को बेच चुके हैं। मैं चुनौती देता हूं कि कोई शिया, सुन्नी या मदरसा ऐसा दिखाएं, जहां पर इस तरह की तालीम दी जाती हो। अगर उनके पास इसका सबूत है तो वह गृह मंत्री से इसकी शिकायत कर सकते हैं।”

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