Yashwant Sinha Says That 100 Percent FDI in Single Brand Retail Business is Dangerous for Country – यशवंत सिन्हा बोले- एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 प्रतिशत FDI देश के लिए घातक

केन्द्र सरकार ने एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बुधवार को मंजूरी देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई नियमों को और उदार बनाने की घोषणा की है। अपनी पार्टी की इस घोषणा को देश के लिए घातक बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने इस पर पूरी तरह से अपने रुख को पलट दिया है। किसान संघर्ष समिति नरसिंहपुर द्वारा आयोजित एक संवाददता सम्मेलन में सिन्हा ने कहा, ‘‘भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए खुदरा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई का घोर विरोध किया। लेकिन केन्द्र में सत्ता में आने के बाद (नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली) भाजपा सरकार ने अब इसे लागू कर दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह एफडीआई देश के लिए घातक है।’’ सिन्हा ने बताया, ‘‘एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 प्रतिशत एफडीआई से छोटे दुकानदारों को नुकसान होगा।’’ देश की वर्तमान अर्थव्यस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, सरकार का यह पांचवा व अंतिम बजट है। क्योंकि अगले साल अंतरिम बजट आयेगा, रेगुलर बजट नहीं आयेगा। चार बजट हमारे गुजर चुके हैं और आज देश की जो अर्थव्यवस्था है उसके बारे में नहीं कहा जा सकता है कि भविष्य में क्या असर होगा।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘सब लोग यही कह रहे हैं कि भविष्य में सुधार होगा। आज की अर्थव्यवस्था चिंता का विषय है।’’ सिन्हा ने बताया, ‘‘मैं आपसे कहना चाहता हूं कि पिछले लगभग चार वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था की उपलबधियों का जितना हम गुणगान कर रहे हैं कि कीमतें हमने स्थिर रखीं, सारे घाटे नियंत्रण में रहे, ग्रोथ भी ठीक-ठाक रहा। इन सब बातों के पीछे मात्र एक ही रहस्य है। वह रहस्य है कि जब हम 2014 में सरकार में आए तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अधिक गिरावट आई और गिरते-गिरते वह 110 डॉलर प्रति बैरल से 30 से 35 डालर प्रति बैरल पर आ गया।’’ उन्होंने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बहुत नियंत्रित थी, तो उन अच्छे दिनों का लाभ हमने उपभोक्ताओं को नहीं दिया। पेट्रोल एवं डीजल के दाम कम नहीं किए। उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिला। सरकार को लाखों करोड़ का फायदा हुआ और जब हम मुड़कर देखते हैं मोदी के शासन के इन चार सालों को तो इस लाखों करोड़ का फायदा देश के लोगों को नहीं मिला।’’

जब उनसे सवाल किया गया कि किसानों के हित को सरकार क्यों पूरा नहीं कर पा रही है, इस पर सिन्हा ने कहा, ‘‘आज से चार साल पहले जब 2014 के चुनाव होने थे तो भाजपा ने एक चुनाव घोषणा पत्र कमेटी बनाई, जिसके अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी थे। चंद सदस्यों में मैं भी एक सदस्य था। वह घोषणा पत्र हम लोगों ने बनाया। उस समय हमारे प्रधानमंत्री पद के दावेदार और आज के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बहुत गौर से उस घोषणा पत्र को स्वयं देखा। उसमें कुछ फेरबदल भी किया और उसके बाद वह घोषणा पत्र जारी किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी भाजपा के घोषणा पत्र में कृषि के बारे में किसानों के बारे में हमने जो वादे किए थे, उन वादों को हमने पूरा नहीं किया। हम लोगों ने वादा किया और आज हम वादा खिलाफी कर रहे हैं।’’

सिन्हा ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश की भावांतर योजना से मैं स्तब्ध हो गया हूं। ऐसा लगता है कि भावांतर योजना किसानों के शोषण के लिए बनी है, उसके फायदे के लिए नहीं।’’ वहीं, प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण किसान बीमा फसल योजना पर उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एक नई फसल योजना लागू की है। लेकिन मैं जानता हूं कि देश भर में जो किसान हैं, वे बेहाल हैं। उनको जब नुकसान होता है, तो वे बीमा कंपनी के पास जाते हैं। उनको बीमा कंपनी से या तो कुछ नहीं मिलता है और अगर मिलता है तो कहीं 20 रुपए, कहीं 50 रुपए। यह किसान का उपहास है।’’ नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में बन रहे पावर प्रोजेक्ट के विरोध में किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने आए सिन्हा ने कहा, ‘‘जिन किसानों की भूमि इस पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके परिवार के एक व्यक्ति को स्थाई नौकरी दी जाए।’’

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