कैंसर से जूझ रही मां के लिए रेसलर राणा ने ली कसम- सुशील कुमार को रिंग में धूल चटाऊंगा – Wrestler Parveen Rana vows to defeat Olympic medalist Sushil Kumar in upcoming Pro Wrestling League will dedicate my win to my cancer suffering mother

वीर मराठा के स्टार खिलाड़ी प्रवीण राणा ने कहा कि अब वह अपना पूरा ध्यान प्रो कुश्ती लीग पर केंद्रित कर रहे हैं और अगर वह इसमें दिल्ली सुल्तांस के सुशील कुमार और यूपी दंगल के अब्दुराखमोनोव बेकजोद से पिछली हार का हिसाब चुकता करने में सफल हो जाते हैं तो इस जीत को अपनी मां को सर्मिपत करेंगे, जो इस समय तीसरी चरण के कैंसर से जूझ रही हैं। शुक्रवार (29 दिसंबर) को राणा और सुशील दोनों पहलवानों के बीच एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रायल के दौरान भिड़ंत हुई थी। इसमें सुशील ने प्रवीण को 7-3 से पराजित किया था। कुश्ती के दौरान और उसके बाद हुई घटनाओं से दोनों ही पहलवान बेहद आहत हैं। राणा ने कहा, ‘‘पिछले दिनों साउथ अफ्रीका में हुई कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप के दौरान उनकी सुशील के साथ कुश्ती बेहद संघर्षपूर्ण रही थी। उस कुश्ती में वह केवल एक अंक से हारे लेकिन उनमें इस बात का विश्वास जरूर पैदा हो गया था कि सुशील को आगे के मुकाबलों में हराया जा सकता है। ’’

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प्रवीण राणा ने कहा कि, ‘‘ट्रायल मुकाबले में अंकों को लेकर उनके साथ ज्यादती हुई लेकिन अब यह सब अतीत की बातें हो गई हैं। कुश्ती के दौरान और उसके बाद जो कुछ हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण था लेकिन अब मेरा पूरा ध्यान कुश्ती पर लगा हुआ है और पीडब्ल्यूएल में वीर मराठा की उम्मीदों पर खरे उतरना है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘पीडब्ल्यूएल में उनके प्रदर्शन से ही उन्हें इस बात का अंदाजा लग सकता है कि वह सही दिशा में चल रहे हैं या नहीं। मेरा शुरू से यही मानना रहा है कि जीत ही सब कुछ होती है और इसके लिए वह अपनी सारी ताकत झोंक देंगे।’’ राणा ने कहा, ‘‘मैं लीग के लिए पूरी तरह से फिट हूं। दो साल पहले लेवान लोपेज के खिलाफ एक मुकाबले में मेरा लिगामेंट चोटिल हो गया था लेकिन तब भी मैंने अपना पूरा मुकाबला लड़ा। ’’ वह इस वजह से बाहर नहीं बैठना चाहते थे। उन्होंने माना कि इससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। अब फिटनेस के साथ उनमें आत्मविश्वास भी जगा है कि वह विश्व और ओलिम्पिक चैम्पियनशिप के पदक विजेताओं को हरा सकते हैं।

अपनी टीम के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘वीर मराठा काफी संतुलित टीम है। लीग में खिलाड़ियों की ब्लॉकिंग पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। हम फाइनल में पहुंच सकते हैं और उसके बाद कुछ भी हो सकता है। ’’ दिल्ली के कुतुबगढ़ इलाके के पहलवान ने कहा, ‘‘योगेश्वर दत्त मेरे आदर्श हैं। वह सबसे अधिक चार बार ओलिम्पिक में खेल चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके शानदार प्रदर्शन से मैं बेहद प्रेरित हुआ हूं। ’’

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