Did Newlands’ heavy roller Big Blue flatten India in first Test-तो विराट कोहली और इस नीले रोलर की वजह से टीम इंडिया के हाथों से फिसल गया मैच ?

दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में हुए पहले टेस्ट में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा । जीत के लिए महज 208 रन बनाने थे, मगर टीम इंडिया 72 रन पहले ही ठिठक गई । तीन टेस्ट मैचों की इस सीरीज के पहले मुकाबले में ही भारत के हारने की समीक्षा शुरू हो गई है। जहां विराट कोहली के टीम चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अब एक और रोचक कारण भी सामने आ रहा है । कहा जा रहा है कि पिच के मिजाज को भांपने में कोहली सफल नहीं हुए, एक नीले रोलर ने मानो टीम इंडिया की जीत की उम्मीदों को रौंद दिया। आइए हम बताते हैं टीम इंडिया की हार में क्या है नीले रोलर का माजरा।

बिग ब्लू। यही नाम दिया गया है न्यूजीलेंड में पिच दुरुस्त करने वाले नीले रंग के रोलर को। कहा जा रहा जब-जब इस नीले रोलर का दक्षिण अफ्रीका के स्टेडियमों में इस्तेमाल हुआ, तब से वहां के गेंदबाज फायदे में रहे। पहले टेस्ट मैच में जब दक्षिण अफ्रीका ने 208 रनों का लक्ष्य दिया तो विराट कोहली ने हार्ड पिच की ख्वाहिश जताई। उन्हें लगा कि इससे शायद बल्लेबाजों को मदद मिले।
मगर इसमें थोड़ा विज्ञान भी फिट है। पिच पर हैवी रोलर चलने से नमी जरूर निकल जाती है, मगर पिच तेज भी हो जाती है। जिससे तेज गति के गेंदबाजों के लिए पिच काफी मददगार होता है।न्यूजीलैंड के क्यूरेटर इवान फ्लिंट भी इस थ्योरी से सहमति जताते हैं। भारत के पिच विशेषज्ञ भी 72 रनों से भारत की हार के पीछे हैवी रोलर की थ्योरी को खारिज नहीं करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हैवी की जगह हल्का रोलर बेहतर विकल्प हो सकता था। कोहली ने पहली पारी में हल्का रोलर इस्तेमाल किया। इस फैसले ने प्रभावित किया और लगा कि कोहली पहले दिन चालाकी दिखा रहे हैं। मगर चौथे दिन हैवी रोलर के इस्तेमाल से विपरीत असर पड़ा। हैवी रोलर पिच को तेज कर सकता है। मगर यह निष्कर्ष किसी रिसर्च पर नहीं सिर्फ आंकलन पर आधारित है। पिच को लेकर ज्यादातर समय कप्तान अपने स्वविवेक से फैसला लेते हैं।
थोड़ा अतीत में चलें तो जब हरियाणा और मुंबई के बीच हरियाणा के लाहली स्टेडियम में रणजी मैच हो रहा था तब सचिन तेंदुलकर ने रोलर के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज किया था। इससे पहले 2013 में तेंदुलकर ने पारी की शुरुआत के दौरान कप्तान जहीर खान से भारी या हल्के रोलर के विकल्प से दूर रहने का सुझाव दिया था। खास बात है कि लाहली स्टेडियम के मैच के दौरान सचिन ने दूसरी पारी में तब फिर चौंकाया, जब उन्होंने हैवी रोलर की सुविधा लेने से इन्कार कर दिया। उस समय विशेषज्ञकों का मानना था कि हैवी रोलर से पिच बल्लेबाजों के अनुकूल होती । सचिन ने उस मैच में 79 रन नाबाद बनाए।

बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में भारत को 72 रनों से हार का सामना करना पड़ा। न्यूलैंड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट को जीत कर दक्षिण अफ्रीका ने टेस्ट मैचों की सीरीज पर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 208 रनों का लक्ष्य दिया था जिसे हासिल करने में टीम इंडिया नाकाम रही और दूसरी पारी में 135 रनों पर ही टीम सिमट गई। मैच में दमदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज वेर्नोन फिलेंडर को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने पहले टेस्ट मैच में सबसे अधिक 9 विकेट अपने नाम किए।

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