pv-sindhu lost dubai-superseries-finals game against akane-yamaguchi- BWF सुपर सीरीज फाइनल में हारी पीवी सिंधु, सिल्‍वर मेडल से करना पड़ा संतोष

भारत की चोटी की शटलर पीवी सिंधु फिर फाइनल की बाधा पार करने में नाकाम रही और उन्हें दुबई सुपर सीरीज फाइनल्स में विश्व की नंबर दो जापानी खिलाड़ी अकाने यामागुची के खिलाफ रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। सत्र के इस आखिरी और प्रतिष्ठित फिनाले में सिंधु ने फिर से अपना जोश और जज्बा दिखाया लेकिन शुरूआती बढ़त के बावजूद आखिर में उन्हें यामागुची से 21-15, 12-21, 19-21 से हार झेलनी पड़ी। यह मुकाबला एक घंटे 31 मिनट तक चला। यह 22 वर्षीय खिलाड़ी खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच गयी थी लेकिन अपने तीसरे बड़े टूर्नामेंट में उन्हें उप विजेता से ही संतोष करना पड़ा। वह पिछले साल रियो ओलंपिक और इस साल ग्लास्गो विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में हार गयी थी। अगस्त में ग्लास्गो में खेले गये विश्च चैंपियनशिप के फाइनल जैसी स्थिति आज भी थी जब फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया था और आखिरी क्षणों में दोनों खिलाड़ियों को अपने दमखम और जज्बे की कड़ी परीक्षा देनी पड़ी।

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सत्र का अपना चौथा फाइनल खेल रही सिंधु ने बेहतरीन स्मैश से अपना पहला अंक बनाया लेकिन दो गलतियों और बेसलाइन पर गलत आकलन का उन्हें नुकसान हुआ और यामागुची 3-2 से आगे हो गयी। जापानी खिलाड़ी ने नेट के सहारे एक और अंक हासिल किया लेकिन सिंधु ने बेहतरीन क्रासकोर्ट स्मैश से स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद शटल बाहर मार दी और नेट ने फिर से यामागुची का साथ दिया जिससे वह 7-5 से बढ़त पर आ गयी। जापानी ने क्रास कोर्ट रिटर्न से एक और अंक बनाया लेकिन इसके बाद सिंधु ने लगातार छह अंक बनाकर मैच का नक्शा बदल दिया। जब स्कोर 8-8 से बराबरी पर था तब दोनों खिलाड़ियों के बीच 33 शाट की लंबी रैली देखने को मिली। ब्रेक के समय सिंधु तीन अंक से आगे थी और इसके बाद उन्होंने दो अंक हासिल करके 13-8 से बढ़त बना दी। यामागुची ने तीन अंक बनाकर स्कोर 11-14 किया जिसमें एक सफल वीडियो रेफरल भी शामिल है। इसके बाद एक अवसर पर सिंधु के हाथ से रैकेट फिसल गया और अगली बार उन्होंने शाट नेट पर मार दिया जिससे स्कोर 13-14 हो गया।

यामागुची हालांकि इसका फायदा नहीं उठा पायी और उन्होंने शाट बाहर मार दिया। सिंधु ने दो बेहतरीन रिटर्न जमाये और फिर से पांच अंक की बढ़त बना दी। भारतीय को आखिर में सात गेम प्वाइंट मिले। यामागुची ने दो गेम प्वाइंट बचाये लेकिन सिंधु के क्रास कोर्ट स्मैश का उनके पास जवाब नहीं था। भारतीय ने इस तरह से 23 मिनट में पहला गेम अपने नाम किया। सिंधु ने दूसरे गेम में आक्रामक शुरूआत की और जल्द ही 5-0 से बढ़त बना दी। यहां पर भारतीय खिलाड़ी को र्सिवस में गलती के कारण अंक गंवाना पड़ा और फिर उनका शाट भी बाहर चला गया। सिंधु ने इसके बाद भी दो गलतियां की और यामागुची को 7-8 से अपने करीब पहुंचने का मौका दिया। जापानी ने इसके बाद अगला अंक आसानी से हासिल करके स्कोर 8-8 से बराबर कर दिया।

पी वी सिंधु

यामागुची इसके बाद हावी होकर खेलने लगी और ब्रेक तक उन्होंने दो अंक की बढ़त बना रखी थी। सिंधु दो बार लाइन पर चूक गयी जिससे जापानी ने अपनी बढ़त 13-20 कर दी। लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी पर थकान हावी होने लगी है और उन्होंने कुछ गलतियां की जिसका फायदा उठाकर यामागुची दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को बराबरी पर लाने में सफल रही। निर्णायक गेम में भी सिंधु ने शुरू में 4-0 से बढ़त बनायी। इस बीच इन दोनों के बीच 51 शाट की रैली भी देखने को मिली। यामागुची ने हालांकि फिर से अच्छी वापसी की और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। सिंधु फिर से 8-6 से आगे थी और इंटरवल तक उन्होंने तीन अंक की बढ़त बना रखी थी।

छोर बदलने के बाद यामागुची ने अंतर 10-11 से कम किया लेकिन भारतीय कोच पुलेला गोपीचंद से सलाह लेने के बाद सिंधु एक अंक हासिल करने में सफल रही। जब स्कोर 13-12 था तब सिंधु फिर से लाइन पर चूक गयी और यामागुची ने स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद फिर से लंबी रैली चली। सिंधु के शटल बाहर मार देने से यामागुची ने दो अंक बनाये लेकिन भारतीय ने इसके बाद क्रास कोर्ट स्मैश से स्कोर 15-15 कर दिया। सिंधु फिर से लाइन पर चूक गयी लेकिन क्रास कोर्ट स्मैश और यामागुची के गलत ड्राप शाट से मैच को बराबरी पर ले आयी। यामागुची ने हालांकि शानदार रिटर्न से स्कोर 19-18 कर दिया। सिंधु अपनी प्रतिद्वंद्वी की गलती से 19-19 से स्कोर बराबर करने में सफल रही। लेकिन भारतीय खिलाड़ी इसके बाद नेट पर खेल गयी जिससे यामागुची को चैंपियनशिप प्वाइंट मिल गया। भारतीय खिलाड़ी का रिटर्न नेट पर लगने के साथ ही जापानी ने खिताब जीत दिया।

इस मैच से पहले सिंधु का यामागुची के खिलाफ रिकार्ड 5-2 था। इनमें शुक्रवार को ग्रुप चरण के आखिरी मैच की जीत भी शामिल थी। इस साल अपना चौथा सुपर सीरीज फाइनल खेल रही 22 वर्षीय सिंधु इस तरह से साइना नेहवाल से आगे निकलने में नाकाम रही जिन्होंने 2011 में फाइनल में जगह बनायी थी लेकिन उन्हें भी अपनी हमवतन भारतीय की तरह रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। ज्वाला गुटा और वी दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी भी 2009 में उप विजेता रही थी। सिंधु ने इस साल इंडिया ओपन और कोरिया ओपन के रूप में दो सुपर सीरीज खिताब जीते थे। इसके अलावा वह हांगकांग ओपन और विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंची थी।

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