Medical Loan:Benefit of Medical loans over health insurance, know here all details of medical loan and personal loan – गंभीर बीमारी में पैसों की न लें टेंशन, मेडिकल लोन का उठाएं फायदा

आदिल शेट्टी

इंश्योरेंस, भावी जोखिमों को कम करने का एक अच्छा तरीका है। हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल इमरजेंसी में आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे आपको अपनी पॉलिसी के कवरेज के आकार के अनुसार गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद मिलती है। मेडिकल इमरजेंसी के दौरान तुरंत फैसले लेने पड़ते हैं और बहुत कम समय में पैसे का इंतजाम करना पड़ता है। मेडिकल लोन एक ऐसा साधन है जिसे खास तौर पर इसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी में आपकी मदद करने के लिए तैयार किया गया है। इसी तरह बाजार में कुछ और लोन भी उपलब्ध हैं, जैसे पर्सनल लोन और जमानत के बदले में लोन जो तरह-तरह की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिए जाते हैं।

मेडिकल लोन बनाम पर्सनल लोन
मेडिकल लोन एक विशेष कारण के लिए दिया जाता है, जबकि एक सामान्य लोन का इस्तेमाल किसी भी आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। मेडिकल लोन भी पर्सनल लोन की तरह असुरक्षित होता है। आप कह सकते हैं कि यह एक विशेष प्रकार का पर्सनल लोन है। मेडिकल लोन पर लगने वाला ब्याज, आम तौर पर सामान्य पर्सनल लोन की तुलना में कम होता है। इसमें पैसा सीधे अस्पताल को ट्रांसफर किया जाता है जहां इलाज किया गया है जबकि पर्सनल लोन का पैसा, कस्टमर के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है और उसके बाद कस्टमर अपनी जरूरत के हिसाब से उस पैसे का इस्तेमाल करता है।

बड़ी खबरें

एक मेडिकल लोन को एक पर्सनल लोन की तुलना में ज्यादा जल्दी प्रोसेस किया जाता है। आम तौर पर मेडिकल लोन का पैसा ट्रांसफर होने में लगभग तीन दिन का समय लगता है जबकि एक पर्सनल लोन का पैसा ट्रांसफर होने में लोन देने वाली कंपनी के नियमों के आधार पर कुछ घंटे या कुछ दिन भी लग सकते हैं।

पर्सनल लोन के मामले में बैंक और वित्तीय संस्थान सिर्फ आवेदक के योग्यता मानदंडों की जांच करते हैं। उसके बाद ही यह फैसला करते हैं कि उसे लोन दिया जाए या नहीं, लेकिन मेडिकल लोन के मामले में कुछ एनबीएफसी पूरे परिवार की योग्यता की जांच करते हैं। इसलिए इसमें लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यदि रोगी का क्रेडिट स्कोर खराब है तब भी।

कहां से मिलता है मेडिकल लोन?
मेडिकल लोन, टाटा कैपिटल जैसे एनबीएफसी द्वारा दिया जाता है। बैंक भी पर्सनल लोन आधारित मेडिकल लोन देते हैं। नेशनलाइज्ड बैंक, पर्सनल लोन की सुविधा देते हैं। इसका इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी के दौरान इलाज के खर्च का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। लगभग सभी नेशनलाइज्ड बैंक पर्सनल लोन देते हैं। एनबीएफसी और बैंकों के अलावा, कुछ उधार देने वाली कंपनियां भी बैंकों और अस्पतालों के साथ टाईअप करके मेडिकल लोन देती हैं।

कितना मिलता है मेडिकल लोन: लोन की सीमा आम तौर पर 30 हजार से 30 लाख रुपये तक होती है। इस तरह का लोन आम तौर पर असुरक्षित होता है। लेकिन, लोन की रकम अधिक होने पर लोन देने वाली कंपनियां अपनी नीतियों के आधार पर थर्ड पार्टी गारंटी की मांग कर सकती हैं।

क्या आपको इमरजेंसी में लोन लेना चाहिए?: जब आपके हाथ में बहुत ज्यादा समय न हो और तत्काल इलाज करने की जरूरत हो तो आपको सबसे पहले कम से कम समय में पैसों का इंतजाम करने पर ध्यान देना चाहिए। कोई अन्य उधार लेने की तरह ही लोन लेते समय भी सावधानी बरतें और बहुत अधिक शुल्क का भुगतान न करें और किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसके नियमों एवं शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें।

कुछ कंपनियां और वित्तीय संस्थान, प्रोसेसिंग शुल्क माफ कर सकती हैं और ब्याज दर कम कर सकती हैं। लेकिन, आपको सभी नियमों एवं शर्तों को अच्छी तरह पढ़कर यह देख लेना चाहिए कि कहीं कोई छुपा खर्च या शुल्क तो नहीं है। यदि लोन लेने का सबसे अच्छा तरीका चुनने के लिए आपके हाथ में थोड़ा समय है तो सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार करें। पर्सनल लोन, मेडिकल लोन, सुरक्षित लोन (यदि आपके पास गिरवी रखने के लिए कोई संपत्ति है जैसे सोना, बैंक एफडी, इत्यादि), और उसके बाद सबसे अच्छे विकल्प के लिए आवेदन करें।

उसी तरह, आजकल पर्सनल लोन के लिए आवेदन करना भी बहुत सुविधाजनक हो गया है। कई पेपर लैस लोन ऑप्शन उपलब्ध होने के कारण आप अपने फोन से अपने लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं और जल्दी से लोन की रकम प्राप्त कर सकते हैं – खास तौर पर तब जब आपको प्री-एप्रूव्ड लोन देने का ऑफर किया गया हो।
लेखक बैंकबाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *