RELIANCE JIO TO ACQUIRE WIRELESS INFRASTRUCTURE ASSETS FROM RELIANCE COMMUNICATIONS – पिता धीरू भाई के जन्‍मदिन पर अनिल अंबानी को कर्ज से उबारने के लिए मुकेश अंबानी ने किया बड़ा करार

कर्ज में डूबे रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी को उबारने के लिए मुकेश अंबानी ने बड़ा करार किया है। पिता धीरू भाई अंबानी के जन्मदिन के मौके पर मुकेश अंबानी ने एलान किया कि रिलायंस जियो रिलायंस कम्युनिकेशंस से वायरलेस इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स का अधिग्रहण करेगी। एसेट्स को हस्तांतरित करने का काम बाधाओं से मुक्त और स्पष्ट होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (आरजेआईएल) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) और उसके सहयोगी कंपनियों की संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए निश्चित समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा कर दी है।

आरकॉम संपत्ति के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रक्रिया आरकॉम के उधारदाताओं द्वारा अनिवार्य थी, जिन्होंने इस प्रक्रिया को चलाने के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को नियुक्त किया था। इस प्रक्रिया को विशिष्ट उद्योग विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र समूह द्वारा देखरेख किया जाता है। आरजेआईएल दो चरण की बोली प्रक्रिया में सफल बोलीदाता के रूप में उभरा।

समझौते के परिणामस्वरूप, आरजेआईएल या उसके नामांकित व्यक्ति आरसीओएम और उसके सहयोगियों से चार श्रेणियों – टावर्स, ऑप्टिक फाइबर केबल नेटवर्क (ओएफसी), स्पेक्ट्रम और मीडिया कन्वर्जेंस नोड्स (एमसीएन) के तहत संपत्ति हासिल करेंगे। ये परिसंपत्तियां रणनीतिक प्रवृति की हैं और इनसे आरजेआईएल द्वारा वायरलेस और फाइबर टू होम एंड एंटरप्राइज सेवाओं को बड़े पैमाने पर रोल आउट करने में काफी योगदान दिए जाने की उम्मीद है।

मंगलवार को अनिल अंबानी ने कर्ज से उबरने के लिए अपना प्लान जाहिर किया था। अनिल के एलान के बाद ही शेयर बाजार में आरकॉम के शेयरों में उछाल देखी गई। मजे की बात यह है कि उनकी संपत्तियों के खरीददार के तौर पर उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी के बारे में अटकलें लग रही थीं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अनिल लेनदारों के 45000 करोड़ रुपये के कर्ज को 6000 रुपये तक लाने के लिए कंपनी के स्पेट्रम, सेल टॉवर, ऑप्टीकल फाइवर नेटवर्क और रियल एस्टेट प्रॉपर्टी को बेच रहे हैं। ऐसा करने पर उनकी कंपनी आरकॉम वायरलेस टेलीकॉम बिजनेस से बाहर हो जाएगी।

अनिल अंबानी की इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में अच्छा असर देखने को मिला था। आरकॉम के शेयरों में 31 फीसदी की मजबूती देखी गई थी। अनिल अंबानी टाटा ग्रुप के बाद पहले शख्स होंगे जो कंज्यूमर मोबाइल सर्विसेज बिजनेस से अलग हो रहे हैं। टाटा ग्रुप ने अक्टूबर में खुद को इस बिजनेस से अलग कर लिया था। टेलीकॉम सेक्टर रिलासंस जियो के आने के बाद से आरकॉम के 2जी और 3जी वायरलेस बिजनेस में काफी घाटा देखा गया । 2016 में आरकॉम के ग्राहकों की संख्या 120 मिलियन थी, जो कि अगस्त 2017 में 75 मिलियन घट गई। इसके बाद दिसंबर तक यह 14 मिलियन और घट गई। जियो ने पिछले साल सितंबर में सबसे सस्ती वॉयस और वीडियो कॉल समेत तमाम सुविधाओं के साथ अपनी सेवा शुरू की थी, जिसके बाद टेलीकॉम सेक्टर में बड़ी खलबली देखी गई।

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