पहले मसूद अजहर को अभयदान, अब जाकिर नाइक के साथ खड़ा हुआ चीन, रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने में लगाया अड़ंगा – China now stalls Red corner notice against Indian absconder Islamic preacher Zakir Naik at Interpol President Meng Hongwei first they saved

जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करवाने के भारत के प्रयासों को झटका देने के बाद चीन ने दूसरी शातिराना चाल चली है। चीन ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉनर्र नोटिस को जारी नहीं होने दिया है। इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक को एनआईए ने भगोड़ा घोषित कर रखा है, उस पर भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप है। बता दें कि रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल द्वारा जारी किया जाता है। इंटरपोल अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन है। वर्तमान में इंटरपोल के मुखिया मेंग होंगवेई चीनी नागरिक हैं और वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विश्वास पात्र हैं। रिपोर्ट के मुताबकि जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस को रुकवाने में मेंग होंगवेई की अहम भूमिका रही है। इससे पहले चीन संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने की भारत की कोशिशों पर पानी फेर चुका है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र जब इस प्रस्ताव को लाया तो सउदी अरब भी भारत के पक्ष में था लेकिन 15 देशों के इस समूह में चीन ने भारत के प्रस्ताव का विरोध किया था।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक जाकिर नाइक इस वक्त मलेशिया में छुपा हुआ है। भारत की एजेंसियों को शक है कि जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस ना जारी होने देने में मलेशियाई सरकार का भी रोल है। माना जा रहा है कि इंटरपोल में मलेशिया ने जाकिर नाइक के पक्ष में पैरवी की है। मलेशियाई सरकार का मानना है कि उनके देश में कुछ साल पहले लोकतंत्र के समर्थन में हुई रैलियों और आंदोलन में भारत का हाथ है। मलेशिया में जाकिर नाइक को शरण दिये जाने की ये भी वजह हो सकती है। भारत सरकार अब जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए मलेशियाई सरकार को औपचारिक आवेदन देने जा रही है।

बता दें कि जब चीन को अपने देश के उइगर चरमपंथियों को गिरफ्तार करवाने की जरूरत पड़ी तो मेंग होंगवेई ने बढ़ चढ़ कर काम किया। चीन ने लगभग दर्जन भर उइगर चरमपंथियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। तब इंटरपोल अध्यक्ष मेंग होंगवेई ने मिस्र में मौजूद इन चरमपंथियों को तुरंत गिरफ्तार करवा दिया। लेकिन जब भारत के हित की बात आई तो चीन की दोहरी नीति सामने आ गई। इधर एनआईए का मानना है कि इंटरपोल ने भगोड़े जाकिर के खिलाफ रेड कॉर्नर इसलिए नहीं किया क्योंकि भारत ने जब ये अपील की थी तो जाकिर पर चार्जशीट ही फाइल नहीं हुई थी। अब एनआईए नये सिरे से नोटिस जारी करेगी क्योंकि अब मुंबई कोर्ट में आरोपपत्र दायर किया जा चुका है।

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