Elizabeth II’s luxury lingerie maker Rigby Peller in trouble-विवादों में क्वीन एलिजाबेथ के लिए अंडरगार्मेंट्स बनाने वाली कंपनी, किताब में किए शाही परिवार से जुड़े खुलासे

महरानी एलिजाबेथ द्वितीय के लग्जरी अंडरगारमेंट बनाने वाले कंपनी रिग्बी एंड पेलर विवादों में फंस गई है। उसने शाही घराने से मिला रायल वारंट खो दिया है। बकिंघम पैलेस से एक अफसर के मुताबिक कंपनी के पुराने मालिक जून केंटन ने महारानी के आंतरिक वस्त्रों ब्रा आदि की फिटिंग साइज से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक कर निजता भंग की। इसके कारण यह कार्रवाई हुई है। जून केंटन पहले कंपनी के मालिक थे, मगर अब बोर्ड मेंबर की हैसियत से कंपनी में हैं। उन्होंने पिछले साल ‘स्टार्म इन ए डी-कप’ नामक किताब से कुछ संस्मरण प्रकाशित किए थे। हालांकि उनका कहना है कि इसमें कुछ भी महारानी के सम्मान के खिलाफ नहीं था। ब्रिटेश मीडिया रिपोर्ट, के मुताबिक

केंटन ने किताब में बताया था कि कैसे उन्होंने 1980 में आधे कपड़ों में महारानी एलिजाबेथ की ब्रा साइज लेने का सेशन किया था।  उन्होंने दावा किया था कि राजकुमारी डायना भी ब्रा फिटिंग साइज के लिए उनके पास आईं थीं और कुछ अधोवस्त्रों में मॉडल्स की पोस्टर अपने बेटे विलियम और हैरी के लिए ले गईं थीं। रायल वारंट होल्डर्स एसोसिएशन के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि -‘‘मैं रिग्बी एंड पेलर के वारंट निरस्त होने की पुष्टि कर सकता हूं, मगर इस बारे में पूरी जानकारी देने में असमर्थ हूं। प्रवक्ता ने कहा कि रायल वारंट किसी भी वक्त किसी भी कारण से निरस्त किया जा सकता है। हर पांच साल पर रायल वारंट की समीक्षा भी होती है।”

रॉयल वारंट ब्रिटेन के शाही परिवार के लिए सप्लायर को दिया जाना वाला आधिकारिक चिह्न है। इस चिह्न से कंपनियों को व्यावसायिक रूप से प्रोत्साहन मिलता है। केवल आठ सौ कंपनियां के पास रायल वारंट है, जो अपने प्रोडक्ट पर शाही घराने से मिले चिन्ह का इस्तेमाल कर सकती हैं। इनमें रानी का पसंदीदा छाता निर्माता कंपनी फुलटन, लेदर का सामान बनाने वाली कंपनी एटिंगर और टेलर हेनरी पुल शामिल हैं। बता दें कि इससे पहले सन 2000 में लक्जरी डिपार्टमेंट स्टोर हररोड्स ने अपना शाही वारंट खो दिया था। क्योंकि कंपनी के मालिक मोहम्मद अल फैयद ने 1997 में उस कार दुर्घटना के पीछे शाही घराने का हाथ बताया था, जिसमें उनके बेटे डोडी और डायना की मौत हो गई थी।

उधर रिग्बी एंड पेलर ने अपने बयान में कहा कि-‘‘ यह निर्णय दुखी करने वाला है, मगर महारानी और रॉयल वारंट होल्डर्स एसोसिएशन के सम्मान के खिलाफ कुछ भी बोलना उचित नहीं है।” कंपनी ने कहा कि वह ग्राहकों को अच्छी सर्विस देती रहेगी। उधर किताब लिखने वाले केंटन ने कहा कि उन्हें बकिंघम पैलेस ने छह महीने पहले ही बता दिया था कि किताब को शाही घराने ने पसंद नहीं किया है। इस नाते उनके पास ज्यादा दिनों तक शाही वारंट नहीं रहेगा। केंटन ने कहा कि शाही घराने के फैसले पर मुझे भरोसा नहीं हो रहा है, फिर भी मैं क्या कर सकता हूं।

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