Five years Old Students got Physical Relation Education related Book in Germany’s School – स्कूल में 5 साल के बच्चों के बीच ‘यौन शिक्षा’ पर किताब बंटने से हड़कंप! पैरेंट्स ने की शिकायत

जर्मनी के एक स्कूल में पांच साल की उम्र के विद्यार्थियों के बीच सेक्स एजुकेशन की किताबें बंटने पर हड़कप मच गया। किताब में ग्राफिक के जरिए दिखाया गया है कि कैसे कंडोम लगाया जाता और कैसे ऑर्गेज्म तक पहुंचा जाता है। जानकारी होने पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई और बर्लिन सीनेट में इस मामले को लेकर शिकायत की। विद्यार्थियों को ‘वेयर डू यू कम फ्रॉम?’ नाम की किताब दी गई थी, जिसमें लीजा और लार्स नाम के पात्र होते हैं। वे इसमें ग्राफिक इमेज (कार्टून) के रूप में बने होते हैं और किताब में उनके बीच शारीरिक संबंध बनाते दिखाया गया है। एक कार्टून में लीजा लार्स के कंडोम लगाते दिखती है। जबकि, दूसरे में वे शारीरिक संबंध बना रहे होते हैं। ‘स्पीजेल ऑनलाइन’ के मुताबिक, अभिभावकों की शिकायत पर अभी तक स्कूल की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। शुरुआत में इस मामले की भनक स्थानीय मीडिया को लगी थी, जिसके बाद अभिभावकों ने शहर की गवर्निंग बॉडी बर्लिन सीनेट के पास इसकी शिकायतें कीं।

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ऐसा कहा जा रहा है कि किताब अभी भी स्कूल में उपलब्ध है। लेकिन अभी तक अधिक लोगों ने इसे नहीं देखा और पढ़ा है। अभिभावकों ने न सिर्फ किताब में दिखाए गए ग्राफिक्स पर आपत्ति जताई, बल्कि उसमें बताए गए कुछ ज्यादा ही स्पष्ट विवरण पर हैरानी जाहिर की।

बवारिया में क्रिस्चियन सोशल यूनिय पार्टी के नेता डोरॉथी बेयर ने इस बाबत कहा, “बच्चों के विकास में सेक्स एजुकेशन का साथ होना चाहिए। लेकिन उसका काम उसे कुछ ज्यादा ही तेज करना नहीं होता है।” क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी की मोनिका ग्रटर्स ने एक अखबार को बताया, “वह सेक्स एजुकेशन के प्रति इस गैरजरूरी उत्साह के खिलाफ हैं।” बता दें कि यह किताब साल 1991 में जर्मनी के परिवार नियोजन समूह ‘प्रो फैमिलिया’ की मदद से लॉव वर्लैग द्वारा पहली बार प्रकाशित की गई थी। प्रकाशन से जुड़ी संस्था का कहना है, “अब इसे नहीं छापा जाता है, क्योंकि इसके कुछ संदेश पुराने हो चुके हैं। इस किताब को ‘वाज आई इन ममी स्टमक टू?’ रीप्लेस कर चुकी है।”

‘वेयर डू यू कम फ्रॉम?’ में कुछ इसी तरह की ग्राफिक इमेजेज के चीजों के बारे में विवरण दिया गया है। (फोटो सोर्सः Loewe Verlag)

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