Kindergarten Students molested and jabbed with needles, fed pills in China – भरी क्‍लास में उतरवाए KG के बच्चों के कपड़े, चुभोईं सुइयां और दीं नींद की गोलियां; आरोपी टीचर्स निलंबित

चीन में किंडरगार्टन (केजी) क्लास के बच्चों संग शोषण का मामला सामने आया है। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों पर स्कूल में जुल्म ढाए गए। कपड़े उतरवा कर उन्हें डार्क रूम में खड़ा किया गया। सुइयां चुभोई गईं और जबरन नींद की गोलियां दीं गईं। जैसे ही इसकी जानकारी लोगों को हुईं, उनमें उबाल देखने को मिला। अभिभावक स्कूल के बाहर नारेबाजी और विरोध जताते मिले, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इसकी निंदा की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला आरवाईबी एजुकेशन न्यू वर्ल्ड नर्सरी स्कूल से जुड़ा है। पीड़ितों की उम्र दो से छह साल के बीच बताई जा रही है। बीजिंग सरकार ने इस बाबत शहर के स्कूलों में जांच के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को बीजिंग म्यूनिसिपल एजुकेशन कमिशन ने इस बाबत अपने बयान में कहा, “हम ऐसे मामले की गहनता से जांच करेंगे और आरोपियों को सजा देंगे। हम बाल शोषण के मामलों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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चीन के ‘ग्लोबल टाइम्स’ के मुताबिक, “आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। वे स्कूल के प्रिंसिपल से मांग कर रहे थे कि उन्हें सर्विलांस वीडियो देखने दिए जाएं।” आगे इसी रिपोर्ट में बताया गया, “ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग में बच्चों ने दावा किया कि जबरन उन्हें नींद की गोलियां खिलाई गईं। कुछ अंकल और दादा जी के उम्र के डॉक्टरों ने उनकी शारीरिक जांच भी की थी, जिसमें एक नेकेड भी थे।” गुरुवार को यह क्लिप वायरल हुई, तो लोगों में और उबाल आ गया। अभिभावकों ने एक मैग्जीन से कहा, “टीचर्स ही बच्चों को सफेद रंग की गोलियां और भूरे रंग का सिरप देते थे। लेकिन उन्हें उन गोलियों के नाम नहीं पता थे।” एक अभिभावक का कहना था, ” जिद्दी छात्रों के कपड़े उतरवा कर उन्हें नेकेड खड़ा किया जाता था या उन्हें वहां पर अंधेरे वाले कमरे में खड़ा होना पड़ता था।”

बच्चों के साथ जब बाल शोषण का मामला लोगों के सामने आया, तो उन्होंने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। (प्रतीकात्मक फोटोः फ्री इमेजेज़)

शुक्रवार को स्कूल ने इस बाबत पुलिस को कुछ दस्तावेज और सर्विलांस की फुटेज मुहैया कराई है। जबकि जिन टीचर्स पर बच्चों के शोषण का आरोप लगा है, उन्हें निलंबित किया गया है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब यह स्कूल बाल शोषण के मामले में फंसा है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में चार टीचर्स के छात्रों से गलत व्यवहार करने का मामला उजागर हुआ था। वहीं, साल 2015 में कुछ छात्रों के शरीर पर सुई चुभाए जाने के निशान पाए गए थे।

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