US President Donald Trump, sexual misconduct or harassment, three womens now requesting Congress to investigate the allegations – डोनाल्ड ट्रम्प पर यौन दुराचार का आरोप लगानेवाली 3 महिलाओं की फरियाद- कांग्रेस करे जांच

पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनावों से पहले कुछ महिलाओं ने डोनाल्ड ट्रम्प पर यौन दुराचार के आरोप लगाए थे। उनमें से तीन महिलाओं ने अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ से मामले की जांच करने का अनुरोध किया है। इन महिलाओं का अनुरोध तब आया है जब हफ्ते भर पहले ही अमेरिकी संसद के तीन सदस्यों ने इस दावे को खारिज कर दिया। सोमवार (11 दिसंबर) को तीनों महिलाएं राशेल क्रुक्स, जेसिका लीड्स और सामंथा हॉल्वे मीडिया के सामने आईं और एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कहा कि संसद को पार्टी से अलग हटकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के यौन दुराचार के पिछले मामलों की जांच करनी चाहिए।

क्रुक्स ने आरोप लगाया कि ट्रम्प चुनावों के दौरान इन आरोपों से बच गए थे लेकिन अब दर्जनभर महिलाएं सामने आ चुकी हैं, जो ट्रम्प के यौन शोषण का शिकार हुई हैं। हॉलीवुड के एक वीडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए क्रुक्स ने कहा कि साल 2005 का एक वीडियो है जिसमें ट्रम्प के बिहैवियर को देखा जा सकता है। बता दें कि ट्रम्प ने चुनावों के दौरान इन आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने हॉलीवुड द्वारा उनके कमेंट रिकॉर्ड करने पर भी लोगों से माफी मांगी थी।

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इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने व्हाइट हाउस से भिन्न रुख अपनाते हुए कहा है कि जिन महिलाओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर यौन दुराचार का आरोप लगाया है, उनका पक्ष सुना जाना चाहिए। ट्रम्प वीडियो में महिलाओं से छेड़छाड़ करने पर शेखी बघारते हुए नजर आने पर यौन दुराचार के दर्जन से भी अधिक आरोपों से घिर गये हैं लेकिन उन्होंने और राष्ट्रपति निवास व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज किया है।

भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हेली से सीबीएस के ‘फेस द नेशन’ कार्यक्रम में जब यह पूछा गया कि ट्रंप पर आरोप लगाने वाली महिलाओं का कैसे मूल्यांकन किया जाना चाहिए तब उन्होंने कहा, ‘‘ जो महिलाएं किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाती हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उनका पक्ष सुना जाना चाहिए और मामले से निबटा जाना चाहिए।’’

व्हाइट हाउस का आधिकारिक रुख यह रहा है कि ट्रंप की चुनावी जीत के बाद आरोपों पर कुछ नहीं हो सकता। हेली ने कहा, ‘‘मैं समझती हूं कि हमने चुनाव से पहले भी इन आरोपों को सुना। और मैं मानती हूं कि जिस किसी महिला ने महसूस किया है कि उसके मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ, उसके साथ किसी भी तरह गलत बर्ताव किया गया, उसे बोलने का पूरा हक है।’’ जब उनसे कहा गया कि क्या मतदान का मतलब मुद्दा खत्म हो गया होता है, हेली ने कहा, ‘‘यह लोगों को तय करना है। मैं जानती हूं कि वह निर्वाचित हैं लेकिन महिलाओं को आगे आने में झिझकना नहीं चाहिए और हमें उनकी बात सुननी चाहिए।’’

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