US suspends security assistance to Pakistan to force action on Islamists-डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को मिलने वाली सुरक्षा सहायता पर लगाई रोक और रखी ये शर्तें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंक को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ ठोस कदम उठाया। अमेरिका ने गुरुवार को साफ तौर पाकिस्तान के खिलाफ हमला बोला और कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे मिलने वाली सभी तरह की सुरक्षा सहायता पर रोक लगा दी है। ट्रंप प्रसाशन की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि जब तक पाकिस्तान अपनी जमीन में पनप रहे आतंक को बढ़ावा देने वाले हक्कानी नेटवर्क और अफगान तालिबान के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करता तब तक अमेरिका उसकी सहायता नहीं करेगा। आपको बता दें कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान पर लगाई गई रोक में सुरक्षा संबंधी फंड और मिलिट्री साजो-समाना का ट्रांसफर करना शामिल है। समाचार एजेंसी रायटर्स और इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्टस की खबरों में अमेरिका ने पाकिस्तान की सहायता पर रोक लगा दी है और कहा है कि जब तक पाकिस्तान आतंक के नेटवर्क को अमेरिका के हवाले नहीं करेगा तब तक यह रोक जारी रहेगी।

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अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नावएर्ट की ओर से इस मामले को लेकर घोषणा की गई है। हालांकि अगर पाकिस्तान अमेरिका की बात मानकर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करता है तो ट्रंप प्रसाशन फिर से मदद कर सकता है। यही नहीं अमेरिका ने धार्मिक आजादी के मामले में भी पाकिस्तान को स्पेशल वाच लिस्ट में शामिल किया है। क्योंकि पाकिस्तान में जबरन गैरमुस्लिमों से इस्लाम कबूल करवाया जा रहा है। गौरतलब है कि नए साल के दिन 1 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपेन ट्विटर के जरिए कहा था समाचार एजेंसी रायटर्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई खबरों के मुताबिक यह सहायता पर पूरी तरह से रोक ही है और इस कार्यक्रम में फिलहाल किसी बदलाव का कोई इरादा नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नावएर्ट ने इसकी घोषणा की है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान द्वारा आतंकी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई हुई तो यह मदद फिर से दी जा सकती है। गौरतलब है कि 1 जनवरी के दिन सोमवार को ट्रंप ने ट्विटर पर कहा था कि पाकिस्तान पर उन आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने का आरोप लगाया, अमेरिकी जिनकी तलाश अफगानिस्तान में कर रहा है। ट्रंप ने ट्वीट किया था, अमेरिका मूर्खतापूर्वक पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा वित्तीय मदद दे चुका है और उन लोगों ने हमे झूठ और धोखे के सिवाय कुछ नहीं दिया।

ट्वीट के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, हम जल्द ही राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देंगे..हम दुनिया को तथ्यों और कल्पना के बीच की सच्चाई बताएंगे।
ट्रंप का यह बयान अमेरिकी प्रशासन द्वारा इस बात पर विचार करने के बाद आया है कि पाकिस्तान को 25.5 करोड़ डॉलर दिया जाए या नहीं क्योंकि उसका (अमेरिका) मनना है कि इस्लामाबाद आतंकवाद से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से काम नहीं कर रहा है।

अमेरिका का यह हालिया कदम पाकिस्तान द्वारा तालिबान से जुड़े हक्कानी नेटवर्क के एक सदस्य तक अमेरिका की पहुंच को रोकने के बाद आया है, जो उसकी (पाकिस्तान की) हिरासत में है। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, हक्कानी का सदस्य उन अपहरणकर्ताओं में से एक था, जिन्होंने एक अमेरिकी व कनाडाई नागरिक को उसके तीन बच्चों के साथ पांच सालों तक बंधक बनाए रखा था।

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