Woman was back to work 30 minutes after giving birth in London Red Light Area – मजबूरी की इंतहा: बच्‍चा पैदा होने के आधे घंटे बाद ही जिस्‍म की मंडी में ”काम” पर लौटी महिला

दुनिया भर में शायद की कोई शहर देह व्यापार के दंश से बचा हो। इंग्लैंड की एक जिस्म की मंडी में जो हुआ, उसके बारे में जानकर आप अंदाजा लगा पाएंगे कि इससे जुड़ी महिलाओं को किस हद तक मजबूरी के चलते हालातों के आगे घुटने टेकने पड़ते हैं। यहां एक महिला को बच्चे को जन्म देकर फौरन काम पर लौटना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला बच्चे को जन्म देकर आधे घंटे में ही धंधे पर वापस आ गई। यहां के हल नाम की जगह पर हेजल रोड स्थित रेड लाइट एरिया में यह वाकया हुआ। इसकी जानकारी पुलिस ऑफिसर जैकी फेयरबैंक्स ने दी। फेयरबैंक पिछले करीब 10 वर्षों से ऐसी महिलाओं की मदद के लिए मुहिम चला रही हैं। फेयबैंक्स बताती हैं कि यहां काम करने वाली महिलाओं को उनके हालातों से निकालना नामुमकिन सा लगता है। उनमें स्वाभिमान मर चुका है। वह थोड़ी सी तवज्जो में ही खुश हो जाती हैं और खुद को बेचने के लिए तैयार हो जाती हैं।

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फेयरबैंक्स बताती हैं कि फिलहाल 40 महिलाएं इस रेड लाइट एरिया में काम करती हैं। इनमें 18 से लेकर 60 वर्ष की उम्र की महिलाएं शामिल हैं। इनमें कइयों की स्थिति इतनी खराब है कि उनके पास रहने के लिए घर नहीं है, वे सोफा पर जीवन गुजार रही हैं। महिलाओं को भारी यौन और मानसिक यातनाओं से गुजरना पड़ता है।

फेयरबैंक्स के मुताबिक कई महिलाएं ऐसे बैकग्राउंड से आई हैं जहां उन्हें बचपन में यौन शोषण का शिकार होना पड़ा। कुछ महिलाएं पैसों की तंगी के चलते इस धंधे में उतर आईं। एक महिला के पास वॉशिंग मशीन सही करवाने के लिए पैसे नहीं थे, वह महज उसका खर्च उठाने के लिए यहां आई।

वह बताती हैं कि कई बार महिलाओं के ब्वॉयफ्रेंड उन्हें यहां बेच जाते हैं। वे दलालों के माध्यम से लाई जाती हैं। फेयरबैंक्स बताती हैं कि इन महिलाओं के ग्राहकों में 17 वर्ष से लेकर 80 वर्ष की उम्र के बुजुर्ग तक शामिल हैं। लोगों को लगता है कि ये महिलाएं देहव्यापार से कमाई कर मजे कर रही हैं, लेकिन यह बात सही नहीं है, उनमें से कइयों के पास आय का यही एक मात्र जरिया है।

वह कहती हैं कि इन महिलाओं के प्रति लोगों को संवेदनशील होना चाहिए, आखिर वे भी किसी की बेटी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस एंजेसियों के साथ मिलकर इन महिलाओं की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है। फेयरबैंक्स ने बताया कि जब से वह रेडलाइट एरिया में महिलाओं को बचाने की मुहिम मे लगी हैं तब से हिंसा की वारदातों मे काफी कमी आई है। महिलाएं आकर उन्हें अपनी समस्याएं बताती हैं।

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