javed akhtar tweets on amu jinna controversy – गोडसे पर बोले जावेद अख्‍तर तो मह‍िला ने क‍िया कमेंट- आप जैसे मुस्लिम हैं, इसी वजह से जिन्ना से करती हूं नफरत

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में जिन्ना की तस्वीर को लेकर देश में इस वक्त विवाद चल रहा है। इस बीच मशहूर लेखक और शायर जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लिखा की – हिंदू महासभा और सनातन संस्था गोडसे की पूजा करते आए हैं, लेकिन आरएसएस और वीएचपी ने कभी इसकी निंदा नहीं की। जिस तरह से मैं जिन्ना की निंदा करता हूं।कम ऑन। कम से कम आप ट्विट कर उनकी निंदा तो कर सकते हैं जो गोडसे की पूजा करते हैं। जावेद अख्तर के इस ट्वीट के बाद कई लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

एक महिला ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा की मुट्ठी भर लोग गोडसे को ईश्वर बता रहे हैं। एक यूनिवर्सिटी उस व्यक्ति को सम्मान दे रहा है जो देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार है। मैं देश बंटवारे के लिए  जिन्ना से नफरत नहीं करती बल्कि इसलिए करती हूं क्योंकि भारत में आपके जैसे मुस्लिम हैं। देव नाम के एक यूजर ने लिखा कि जावेद आपने चांदी की चम्मच लेकर जन्म लिया है। इसलिए आप टैक्स अदा करने वालों लोगों के पैसों का मतलब नहीं जानते। आपकी जानकारी के लिए – एमयू को टैक्स अदा करने वाले लोगों के पैसे से ही फंड मिलता है। बताइए अगर गोडसे के मंदिर को आयकर दाताओं के पैसों से फंड मिलता है? अब आप रिप्लाई नहीं करेंगे क्योंकि आप के पास जवाब नहीं हैं।

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कैसे निकला ‘जिन्ना का जिन्न’? : कुछ दिनों पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक सांसद सतीश गौतम ने एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर को एक ख़त लिखकर यह पूछा था कि विश्वविद्यालय परिसर में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगाने का औचित्य क्या है? इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर से अचानक ही जिन्ना की तस्वीर गायब हो गई और विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कहा गया कि साफ-सफाई को लेकर तस्वीर को अभी हटाया गया है। कुछ हिंदू संगठनों ने एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगाए जाने को लेकर प्रदर्शन भी किया।

किसने क्या कहा? यूपी में योगी कैबिनेट में मंत्री और भाजपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कानपुर में (1 मई) को यह कह दिया कि मोहम्मद अली जिन्ना एक महान शख्सियत थे। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने राष्ट्रनिर्माण में योगदान दिया है उनपर उंगली उठाना ठीक नहीं है। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना महमूद मदनी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत के लोगों ने जिन्ना को नकार दिया है। हम ऐसी किसी चीज की उपस्थिति के खिलाफ हैं। इधर हिंदू युवा वाहिनी के उपाध्यक्ष आदित्य पंडित ने भी कुछ दिनों पहले कहा था कि उन्होंने यूनिवर्सिटी से जिन्ना की तस्वीर हटाने की कसम खाई है। अगर विश्वविद्यालय से जिन्ना की तस्वीर नहीं हटाई गई तो वाहिनी के सदस्य खुद इस काम को करेंगे। इधर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि घटिया राजनीति में मुझे मत खींचिए, यह बहस नेताओं के लिए ही रहने दीजिए

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