When Sanjay dutt rescued raveena tondon and saved her life –

90 के दशक की सुपरस्टार अभिनेत्री रही रवीना टंडन अपने प्रोफ़ेशनलिज़्म के लिए भी जानी जाती है। वे न केवल एक शानदार अभिनेत्री रही बल्कि उन्हें निर्माताओं और निर्देशकों की पसंदीदा अभिनेत्री के तौर पर भी जाना जाता था। 1994 में तो उन्होंने एक साल में दस फिल्में तक की थी, आज के दौर में जब स्टार्स अपनी एक फिल्म के लिए कई साल तैयारी करने में लगा देते हैं, ये वाकई अद्भुत लगता है।

रवीना भले ही एक शानदार प्रोफ़ेशनलिस्ट रही हों लेकिन सेट पर कुछ मौके ऐसे भी आए थे जब उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। दरअसल रवीना और संजय दत्त एक फिल्म ‘क्षत्रिय’ की शूटिंग कर रहे थे। एक सीन के दौरान रवीना को एक घोड़े पर बैठना था, शॉट तैयार हुआ और रवीना उस घोड़े पर बैठ गई। लेकिन कुछ ही पलों बाद घोड़ा बिदक गया और उस घोड़े ने रवीना को नीचे गिरा दिया। रवीना बुरी तरह नीचे गिरी। सेट पर मौजूद लोगों को लगा कि रवीना बच नहीं पाएंगी क्योंकि उनके कानों से खून आ रहा था और लोगों को लगा कि उन्हें शायद ब्रेन हैमरेज हो गया है।

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सेट पर लोगों को लगा था कि रवीना बच नहीं पाएंगी।

चूंकि फिल्म की शूटिंग जंगल में चल रही थी, ऐसे में उस जगह से अस्पताल भी काफी दूर था। फिल्म में रवीना टंडन के साथ संजय दत्त भी थे। उस दौरान संजय, रवीना टंडन को गोद में उठाकर कई किलोमीटर तक पैदल चले थे और उन्हें सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया था। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि रवीना को फ्रैक्चर आया है और रवीना के बाएं कंधे में काफी चोट लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने किसी तरह ‘शीशा टूट जाए’ गाने की शूटिंग की थी। उन्होंने अपना इलाज कराया और अगले दिन एक बार फिर उन्हें उस घोड़े पर चढ़ना था, रवीना के प्रोफेशनलिज़्म की दाद देनी होगी कि वे घायल हालत में भी घोड़े पर चढ़ी थी और उन्होंने फिल्म की शूटिंग पूरी की थी। रवीना इस बात को लेकर बेहद प्राउड फील करती हैं कि उनकी वजह से कभी शूटिंग नहीं रूकी और यही कारण है कि उन्हें उस दौर के निर्देशक और निर्माता काफी पसंद करते थे।

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