गलतबयानी कर रहे पीएम नरेंद्र मोदी, जेल में भगत सिंह से मिले थे नेहरू, ये रहे सबूत – pm narendra modi misrepresents facts about congress leader met corrupt politician jawahar lal nehru met bhagat singh in jail karnataka assembly elections 2018

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बुधवार (9 मई) को पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के बीदर में एक रैली में कहा कि देश की आजादी के लिए लड़ रहे महान शख्सियतों जैसे शहीद भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त जैसे नेताओं को अंग्रेजों ने जेल भेज दिया था, क्या कोई कांग्रेस नेता उनसे मिलने गया था? लेकिन कांग्रेस नेता वैसे भ्रष्ट नेताओं से मिलने जाते हैं, जिन्हें जेल हो चुका है। पीएम मोदी के निजी ट्विटर हैंडल @narendramodi_in पर भी इस तथ्य को डाला गया है। बता दें कि हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली के एम्स में चारा घोटाले के दोषी लालू यादव से मिलने दये थे। पीएम मोदी के इस दावे पर सवाल उठने लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने जेल में भगत सिंह से मुलाकात की थी।

बता दें कि 12 जून 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त को विधानसभा में बम फेंकने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जब वे इस मामले में लाहौर सेंट्रल जेल में बंद थे तो उन्होंने जेल में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर थी। 10 जुलाई 1929 को भगत सिंह, दत्त और दूसरे ‘कैदियों’ के खिलाफ लाहौर षड़यंत्र में सुनवाई होने लगी। इसके बाद दूसरे कैदी भी भूख हड़ताल में शामिल हो गये। 7 अक्टूबर 1930 को भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को अंग्रेजी अदालत ने मौत की सजा सुनाई। इन्हें 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी गई।

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रिपोर्ट के मुताबिक नेहरु ने भगत सिंह और दूसरे राजनीतिक कैदियों ने जेल में मुलाकात की थी। लाहौर में 9 अगस्त 1929 (समाचार पत्र द ट्रिब्यून द्वारा 10 अगस्त 1929 को दी गई खबर के मुताबिक) को उन्होंने कहा था, “मैं कल सेंट्रल जेल और बोरस्ट्राल जेल गया था और सरदार भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त, जतिन्द्रनाथ दास और लाहौर षडयंत्र केस के दूसरे कैदियों को देखा…ये सभी लोग भूख हड़ताल पर थे… जिन्हें जबरन नहीं खिलाया जा सका…वे लोग धीरे-धीरे मौत की और बढ़ रहे हैं, और लगता है कि दुख के वक्त को आने में ज्यादा देर नहीं लगेगा। जतिन्द्रनाथ दास की हालत खासकर खराब है…इन असामान्य बहादुर लोगों से मिलना मेरे लिए बहुत दुखदायी था, इन्हें तकलीफ झेलते हुए देखना पीड़ादायक था।” ( सोर्स- Selected Works of Jawaharlal Nehru (1973 edn), Vol 4, p 13) बता दें कि जतिन दास की 13 सितंबर को मौत हो गई थी।

नेहरू ने अपनी जीवनी में भी भगत सिंह से मुलाकात के बारे में लिखा है। नेहरू लिखते हैं, “मुझे जेल में कुछ कैदियों से मिलने की इजाजत दी गई, मैंने इसका लाभ उठाया, मैंने भगत सिंह को पहली बार देखा…उनका आकर्षक और बौद्धिक चेहरा था, वो शांत और गंभीर दिख रहे थे। वहां कोई गुस्सा नहीं दिख रहा था। उन्होंने बेहद भद्र तरीके से मुझे देखा और बात की। (1982 reprint, p 193).

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