हिंदी न्यूज़ – AAP vs LG: अनिल बैजल के बचाव के लिए केंद्र ने हरीश साल्वे सहित तीन अनुभवी वकीलों को रखा

दिल्ली सरकार और उप-राज्यपाल के बीच जारी गतिरोध खत्म होता नहीं दिख रहा है. उप-राज्यपाल और चुनी हुई सरकार के बीच शक्तियों के बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद, केंद्र ने एक बार फिर कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है.

सेवा और एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) को अपने पास बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने तीन अनुभवी वकीलों हरीश साल्वे, सीए सुन्दरम और राकेश को अपने साथ जोड़ा है.

गृह मंत्रालय ने कानून मंत्री को पत्र लिखकर शीर्ष अदालत में दो जजों की बेंच के सामने तीन वकीलों द्वारा केस लड़ने के बारे में अवगत कराया है.

बता दें कि इससे पहले सॉलिसिटर जनरल मनेन्द्र सिंह सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे थे.जबकि गोपाल सुब्रमण्यम, राजीव धवन, पी चिदंबरम, शेखर नपाहडे और इंदिरा जयसिंह जैसे वकीलों का समूह आम आदमी पार्टी के पक्ष रख रहा था.

सूत्रों ने न्यूज18 को बताया कि संवैधानिक बेंच के फैसले के बाद एलजी के खिलाफ किसी भी शर्मिंदगी और प्रतिकूल फैसले को रोकने के लिए केंद्र ने कानूनी टीम को बढ़ाया है.

बता दें कि 4 जुलाई को संवैधानिक बैंच ने जो फैसला दिया वह दिल्ली सरकार के लिए जीत की तरह है. इस फैसले में कहा गया था कि एलजी स्वतंत्र रुप से कार्य नहीं कर सकते हैं, न ही वह निर्वाचित सरकार के फैसले को रोक सकते हैं और वह सरकार की सलाह से बंधे हुए हैं.

जस्टिस ए के सिकरी और अशोक भूषण की पीठ को एलजी द्वारा जारी अधिसूचनाओं से संबंधित मामलों का फैसला करना है, जो दिल्ली में अधिकारियों की पोस्टिंग और स्थानान्तरण से संबंधित हैं. इसके साथ ही एसीबी दिल्ली पुलिस सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन ले सकती है या नहीं इस बात पर भी फैसला लिया जाएगा.

इन दोनों मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों को बीच फिर से टकराव की स्थिति बन रही है और दोनों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने तीन अनुभवी वकीलों को मैदान में उतारा है. बता दें कि 26 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई शुरू करेगी.

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