हिंदी न्यूज़ – गुजरात का सरकारी स्कूल जहां पेंसिल-किताब नहीं लैपटॉप-टचस्क्रीन से पढ़ाई करते हैं बच्चे Here,govt school children learns through Google’s Future Classes technology

गुजरात का सरकारी स्कूल जहां पेंसिल-किताब नहीं लैपटॉप-टचस्क्रीन से पढ़ाई करते हैं बच्चे

यहां छठी से आठवीं तक के बच्चे स्पेशल तरीके से डिजाइन किए गए गूगल क्रोमबुक कहे जाने वाले हल्के वजन के लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं.

News18Hindi

Updated: July 23, 2018, 9:10 PM IST

विजयसिंह परमार

अहमदाबाद जिले के चांदलोडिया प्राइमरी स्कूल में पहुंचने के लिए बच्चों को ट्रैफिक जाम की परेशानी झेलते हुए भीड़भरे इलाकों से होकर जाना पड़ता है. हालांकि एक बार स्कूल पहुंचते ही ये बच्चे बाहर की दुनिया को भूल जाते हैं. वजह ये है कि इस स्कूल में गूगल की फ्यूचर क्लासेज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. सरकारी खर्चे से चलने वाला यह स्कूल देश के उन चुनिंदा स्कूलों में शामिल है जहां इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है.

यहां छठी से आठवीं तक के बच्चे स्पेशल तरीके से डिजाइन किए गए गूगल क्रोमबुक कहे जाने वाले हल्के वजन के लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं. ये लोग क्लासरूम में प्रोजेक्टर, टचस्क्रीन वाले ब्लैक बोर्ड, वाई-फाई, वेब कैमरे और इयरफोन के जरिए पढ़ाई करते हैं.

स्कूल के प्रिंसिपल राकेश पटेल ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, “ये आने वाले वक्त की टेक्नोलॉजी है, जिससे हमारे बच्चे पढ़ाई करेंगे. पिछले दस महीने से हम अपने बच्चों को गूगल फ्युचर क्लासेज टेक्नोलॉजी से पढ़ा रहे हैं. ये गूगल और आईएल एंड एफएस ( शिक्षा) का साझा काम है, जिसने हमारे टीचर्स को भी ट्रेंनिंग दी. हम अपने अनुभव से कह सकते हैं कि बच्चों को इस टेक्नोलॉजी से पढ़ने में खुशी मिलती है.” यहां छठी से आठवी क्लास में करीब चार सौ छात्र हैं.इस टेक्नोलॉजी के एक ट्रेनर धर्म जोशी ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, “हमने सबसे पहले टीचर्स को इस टेक्नोलॉजी के बारे में सिखाया और उन्होंने इसका इस्तेमाल अच्छे से सीख भी लिया. पढ़ाई के लिए खासतौर से डिजाइन की गई 30 क्रोमबुक बच्चों को इस्तेमाल के लिए दी गईं.”

जोशी बताते हैं कि बच्चे प्रोजेक्ट वर्क करते हैं, होमवर्क करते हैं और ऑनलाइन ही अपना एक्सरसाइज भी करते हैं. फ्युचर क्लासेज गूगल, आईएल एंड एफएस और डिस्ट्रीक्ट डेवलपमेंट अथारिटी के बीच समझौते के बाद साकार हो सका.

बच्चे गूगल के एजुकेशन हेड वाणी धवन से भी अक्सर ऑनलाइन बातें किया करते हैं. स्कूल में अपना इंटरनेट पर डोमेन भी है. यहां टीचर पढ़ाने में डिजिटल बोर्ड टचस्क्रीन और मल्टीमीडिया का भी इस्तेमाल करते हैं. बच्चे स्मार्टफोन के जरिए भी अपना होमवर्क कर सकते हैं.

स्कूल के प्रिंसिपल के मुताबिक, “दूसरे लैपटॉप की तुलना में क्रोमबुक बहुत तेज चलती हैं. दस सेकेंड में बूट की जा सकती है और दिन भर चलती है. स्मार्ट बोर्ड और स्मार्ट बोर्ड और ऑडियो सिस्टम बच्चों को बांधे रखते हैं. इससे वे स्कूल में कुछ ज्यादा वक्त भी दे देते हैं.”

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