हिंदी न्यूज़ – पाकिस्तान में महिलाएं लड़ रही थीं चुनाव, भारतीय फैला रहे थे सेक्सिजम-Pakistan election 2018:As Women Contested in Pakistan Elections, Indians on Social Media Couldn’t Help the Sexism

(राखी बोस)

पाकिस्तान में 25 जुलाई को तीसरी बार चुनाव कराए गए. तमाम मीडिया और विश्लेषकों की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह अब तक का सबसे ‘गंदा’ चुनाव था. यह गंदगी सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रही है.

पाकिस्तान के इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी की तादाद बेमिसाल रही. इसमें पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने आंशिक रूप से सहयोग किया. आयोग की ओर से निर्देश दिया गया था कि चुनाव लड़ने वाले हर दल में 5% महिला उम्मीदवार होंगी. ऐसे में चुनाव के लिए 272 आम सीटों में से 171 सीटों पर महिला प्रत्याशी थीं.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान की नई सरकार से बीजेपी को यह है उम्मीदइन सबके बीच सोशल मीडिया पर जो चला वह किसी भी तरह से प्रभावशाली नहीं लगा. एक ओर जहां पाकिस्तान चुनाव में व्यस्त था वहीं भारत में लोगों ने इस समय को सेक्सिजम फैलाने का मौका मान लिया. पाकिस्तान में महिला प्रत्याशियों ने एक ओर अपना प्रचार शुरू तो सोशल मीडिया पर भारत की महिला नेताओं से उनकी तुलना की जाने लगी.

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हालांकि कुछ लोगों ने इन सबके खिलाफ भी अपनी राय रखी.

दोनों ट्वीट्स में मायावती और ममता बनर्जी की तस्वीर इस्तेमाल किया गया है. दोनों राजनीति के अपने क्षेत्र में अव्वल दर्जे पर रही हैं. एक ओर मायावती जहां उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री थीं, वहीं ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं. साल 2011 में, वाशिंगटन पोस्ट के एक आर्टिकल में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार सारा पॉलिन को पत्रिका के कवर पर उनके कपड़ों को लेकर टिप्पणी हुई थी.

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वैश्विक स्तर पर राजनीति में महिलाओं की भागीदारी में अच्छी वृद्धि हुई है. दुनिया में अभी भी दृष्टिकोण बदलने की दिशा में राजनीति और कूटनीति में महिलाओं की भूमिका है.



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