हिंदी न्यूज़ – #Love Story: करुणानिधि की तीन शादियों की प्रेम कहानी, Love Story: Karunanidhi three marriages & life

60 के दशक के आखिर में तमिलनाडु विधानसभा में नए नवेले मुख्यमंत्री मुथुवेल करुणानिधि से अजीब सा सवाल पूछा गया. ओलिवर रोड के उस मकान में उनके साथ कौन रह रहा है, जिसके लिए वो आधिकारित तौर पर किराया लेते हैं. करुणानिधि ने पूछने वाले की आंखों में आंखें डालकर जवाब दिया, उसमें मेरी बेटी कनिमोझी की मां रहती है. इसके बाद रजती अम्मल आधिकारिक तौर पर उनकी पत्नी मान ली गईं. इसके बाद उनसे कभी ये सवाल नहीं पूछा गया.

पिछले कुछ दशकों से करुणानिधि की दिनचर्या एकदम बंधी हुई थी. वो सीजेआई कॉलोनी के विशालकाय बंगले में रजती अम्मल के साथ रात गुजारते थे और दिन के अपने गोपालपुर स्थित आधिकारिक आवास में चले जाते थे. जहां उनकी पत्नी दयालु अम्मल रहती हैं.

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तमिलनाडु की राजनीति में कई पत्नियां रखने की परंपरा रही है, जिसे यहां के लोग चिन्ना वीडू के तौर पर जानते हैं. हालांकि हिंदू एक्ट में कानूनी तौर पर एक से ज्यादा विवाह गैरकानूनी हैं, लेकिन करुणानिधि के लिए इसको लेकर कभी कोई दिक्कत पैदा नहीं हुई. करुणानिधि ने अपनी जिंदगी में तीन शादियां कीं. दो पूरे रीति-रिवाजों से तीसरी एक अलग परंपरा से.उन दिनों करुणानिधि सबसे महंगे स्क्रिप्ट राइटर थे 
करुणानिधि ने 20 वर्ष की उम्र में उन्होंने तमिल सिनेमा में स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर काम शुरू किया. देखते ही देखते वो हिट लेखक हो गए. उन्हें तब एक महीने के दस हजार रुपए मिल जाते थे. युवा करुणानिधि में उन दिनों गजब का जोश था और जबरदस्त ऊर्जा. वो एकतरह दक्षिण सिनेमा के लिए स्क्रिप्ट लिखते थे. फिल्म अभिनेता, अभिनेत्रियों और प्रोड्यूसर्स के बीच समय गुजारते थे तो समय मिलते ही तमिल राजनीति के पुरोधा सी. अन्नादुरई से भी मिल आते थे. वो उनसे बहुत प्रभावित थे. वो उनके आंदोलनों से भी जुड़े रहते थे.

लंबी-छरहरी पद्मावती पसंद आ गई 
इस बीच उन्हें छरहरी लंबी और आकर्षक नैन नक्श वाली पद्मावती अम्माय्यर पसंद आ गई. पद्मावती के भाई सीएस जयरामन दक्षिण सिनेमा के जाने माने प्लेबैक सिंगर थे. शायद 1945-46 में युवा करुणानिधि की शादी पद्मावती से हो गई. दोनों खुश थे. जीवन अच्छी तरह चल रहा था. उनके एक बेटा हुआ एम के मुथु. लेकिन इसी बीच पद्मावती गंभीर बीमारी का शिकार हुईं. 1948 में उनका निधन हो गया. ये करुणानिधि के लिए बड़ा झटका था. इसके बाद उन्हें लगा कि अब वो अपना सारा समय अन्नादुरई के साथ काम करके गुजार देंगे. हालांकि ऐसा हुआ नहीं.

करुणानिधि की पहली पत्नी पद्मावती, जिनका जल्दी ही निधन हो गया

फिर हुई दूसरी शादी 
चार साल बाद 1952 में उनके पेरेंट्स ने दयालु अम्मल से उनकी शादी करा दी. इस बीच करुणानिधि धीरे धीरे फिल्मी दुनिया के महंगे स्क्रिप्ट राइटर के ट्रैक से अन्नादुरई के सियासी आंदोलन को ज्यादा से ज्यादा समय देने लगे थे. दयालु से उन्हें चार बच्चे हुए-तीन बेटे और एक बेटी. यानि एमके अझागिरी, एमके स्तालिन, एकके थामिलारासु और सेल्वी. ये एक परफेक्ट फैमिली थी. करुणानिधि राजनीतिक नाव पर अन्नादुरई के साथ सवार हो चुके थे. धीरे धीरे वो उनके सबसे विश्वस्त सहयोगी बन गए.

करुणानिधि की दूसरी शादी दयालु अम्मल से हुई

ड्रामा ट्रुप की वो आकर्षक युवती 
समय आगे भाग रहा था, ये 60 के दशक के मध्य की बात है. तमिलनाडु में चुनाव हो रहे थे. करुणानिधि पूरी तरह अपने राजनीतिक गुरु के साथ चुनाव प्रचार में लगे हुए थे. इन्हीं चुनावों में अन्नाद्रमुक की चुनावी टीम के साथ एक ड्रामा ट्रुप की सेवाएं लीं गईं. कवि कन्नडासन का जाना माना डांस ग्रुप. इस ग्रुप में एक आकर्षक किशोरी थी रजती-जिसका अभिनय गजब का था, जब वो चुनावी सभाओं में ग्रुप के साथ नाटिकाएं पेश करती, तो उसे देखते ही बनता था. इस युवती में कुछ था, जो करुणानिधि उसकी ओर आकर्षक होते गए.

फैलने लगीं नए प्यार की खबरें 
दोनों चुनावों के बाद लगातार मिलने जुलने लगे. हालांकि इसका असर उनकी पारिवारिक जिंदगी पर भी पड़ रहा था. रजती से उनके बढते प्रेम की खबरें फैलने लगीं थीं. हालत ये हो गई कि वो दयालु अम्मल को तो छोड़ना कतई नहीं चाहते थे, लेकिन रजती को भी अपनी जिंदगी में शामिल करना चाहते थे. हालांकि इसका विरोध उनके भाई-बहनों ने किया तो दयालु भी पीछे नहीं रहीं लेकिन करुणा ठान चुके थे कि उन्हें क्या करना है. राजनीतिक गुरु अन्नादुरई ने इस मौके पर उनका साथ दिया..और बीच का रास्ता निकल आया.

फिर तीसरी पत्नी (संगिनी) के रूप में रजती अम्मल करुणानिधि के जीवन में आईं

ये अलग तरह की तीसरी शादी थी 
उन दिनों उनकी पार्टी द्रविण मुनैत्र कषगम ने एक प्रोग्राम चलाया हुआ था-स्वयं मर्यादा कल्याणम. इसके तहत ना तो कोर्ट में जाकर शादी की और ना ही किसी पुजारी को बुलाकर मंत्रोच्चारण के बीच वैवाहिक बंधन की परंपराएं पूरी कीं बल्कि पार्टी के कई वरिष्ठों की मौजूदगी में जिंदगी भर साथ निभाने की कसम खाई. उनका आर्शीवाद ले लिया. इस व्यवस्था में दयालु अम्मल मानैवी (पत्नी) थीं तो रजती अम्मल थनैवी (संगिनी). ये शादी 1966 और 1967 के बीच हुई.

वो 21 की थीं और वो 42 के 
उस समय रजती मुश्किल से 20-21 साल की थीं. करुणानिधि उनसे 21 साल ज्यादा बड़े थे. एक साल बाद ही 1968 में कनिमोझी का जन्म हो गया. कानूनी तौर पर दयालु को ही उनकी पत्नी होने का हक हासिल है लेकिन दुनिया यही जानती है कि दोनों उनकी पत्नियां हैं. दोनों अक्सर उनके साथ सार्वजनिक मंचों और स्थानों पर भी नजर आती रहीं. हालांकि दोनों पत्नियों के बच्चों के बीच हमेशा से तनाव की एक रेखा खींची रही. अगर इक्का-दुक्का अवसरों को छोड़ दें तो करुणानिधि की दोनों पत्नियों के बच्चे शायद ही कभी सार्वजनिक तौर पर साथ नजर आए हों. करुणानिधि के बाद ताकत और उत्तराधिकारी बनने की होड़ ने इन संबंधों को और भी तीखा कर दिया.

करुणानिधि के साथ दोनों पत्नियां

जया अक्सर चुटकी लेती थीं
हालांकि जयललिता जब तक जीवित रहीं, तब तक वो करुणानिधि की वैवाहिक स्थिति पर कटाक्ष करने से कभी बाज़ नहीं आईं. वो अक्सर चुटकी लेती थीं कि वो मुद्दों को सही तरीके से डील नहीं कर पाते, क्योंकि उनपर परिवार का दबाव ज्यादा होता है.

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