हिंदी न्यूज़ – बांग्लादेश में खराब सड़कों के खिलाफ स्कूली छात्रों का आंदोलन, मुसीबत में सरकार-Bangladesh students’ protests a result of anger building over official apathy for road safety, weak governance

बांग्लादेश में खराब सड़कों के खिलाफ स्कूली छात्रों का आंदोलन, मुसीबत में सरकार

आंदोलनकारी छात्र

भाषा

Updated: August 5, 2018, 6:20 PM IST

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश के स्कूली छात्र इन दिनों देश की खस्ता हाल सड़कों और यात्रियों द्वारा ट्रैफिक नियमों का पालन न करने के खिलाफ जोरदार आंदोलन चला रहे हैं. 29 जुलाई से बांग्लादेश की कई छात्र सड़कों पर शांतपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूगता बढ़ाने के लिए छात्र लोगों और वाहनों का लाइसेंस जांच रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसे लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए दिखा रहे हैं.

हालांकि शनिवार को छात्रों का यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गया. छात्रों पर रबर बुलेट से हमले किए गए. हमलों के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताया जा रहा था हालांकि अब इसमें बांग्लादेश की सत्तारुढ़ पार्टी के छात्र संगठन ‘बांग्लादेश छात्र लीग’ का नाम सामने आ रहा है.

बता दें कि बांग्लादेश की ‘आवामी लीग सरकार’ ने एक हफ्ते से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए कई प्रयास किए लेकिन यह आंदोलन अब भी जारी है. आंदोलन 11-17 आयु वर्ग के छात्रों द्वारा चलाया जा रहा है जो किसी भी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं हैं. सत्ताधारी पार्टी इस आंदोलन के पीछे पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खलील जिया का हाथ होने का आरोप लगा रही है हालांकि आंदोलन की प्रकृति को देखते हुए किसी ने भी आंदोलनकारी छात्रों की प्रेरणा पर सवाल नहीं उठाया है.बांग्लादेश में सड़क सुरक्षा को लेकर इतने बड़ा आंदोलन खड़े होने की वजह यहां की खराब सड़के और उनपर होने वाली नियमित हादसे जिम्मेदार हैं. एक हादसे के बाद जब बांग्लादेशी परिवहन मंत्री से इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उनके जवाब ने लोगों का गुस्सा और भड़का दिया.

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश से आकर जमशेदपुर में 5 लाख की ठगी करनेवाले ठग को पुलिस ने दबोचा

बांग्लादेश में सड़के ही नहीं यहां की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी विवाद का विषय है, खासकर यहां की बस सेवा. बांग्लादेश में लोग प्राइवेट बस ऑपरेटरों की दया पर निर्भर हैं जिनके परिचालन के लिए कोई नियम नहीं है. यदि बस ड्राइवर की लापरवाही से किसी की जान जाती है और लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं तो फिर बस ऑपरेटर ही हड़ताल पर चले जाते हैं. सरकार न तो कभी इसमें हस्तक्षेप करती है और न ही संबंधित नियमों को मजबूत करने की कोशिश करती  है.

बांग्लादेश का यह छात्र आंदोलन आने वाले आम चुनाव में सत्ताधारी पार्टी के समक्ष मुश्किल खड़ी कर सकता क्योंकि शनिवार की घटना ने वहां की विपक्षी पार्टी को सरकार पर सवाल खड़े करने का मौका दे दिया है. इस वक्त बांग्लादेशी नेतृत्व पहले ही संकट में है ऐसे में छात्र आंदोलन परेशानी बढ़ाने वाला है.

और भी देखें

Updated: August 01, 2018 08:03 PM ISTNRC के कारण बिगड़ सकता है भारत-बांग्लादेश का रिश्ता- ममता

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *