हिंदी न्यूज़ – करुणानिधि का वो बेटा, जो दर दर की ठोकरें खा रहा है, The elder son of DMK chief Karunanidhi is long neglected by family & father

द्रविड मुनैत्र कषगम के प्रमुख करुणानिधि के दो बेटों स्तालिन और अलागिरी के बारे में तो तकरीबन हर कोई जानता है, अक्सर वो खबरों का हिस्सा बनते रहते हैं. लेकिन उनके बड़े बेटे के बारे में शायद किसी ने सुना हो. उत्तर भारत में इस बेटे के बारे में शायद ही कोई जानता हो. बरसों पहले करुणानिधि ने बड़े बेटे से न केवल संबंध तोड़ लिए, बल्कि उसे बेदखल भी कर दिया. बदले में इस बेटे ने राजनीतिक दुश्मनों से हाथ मिलाने की कोशिश की. हालांकि पिछले दो दशकों से वह दर-दर की ठोकरें ही खा रहा है.

इस बेटे का नाम एमके मुथु है. मुथु उनकी पहली पत्नी पद्मावती से पैदा हुए हैं. पद्मावती का निधन मुथु के जन्म के आसपास ही हो गया था. उनकी उम्र अब 70 साल है. आर्थिक हालत खस्ताहाल. वो चेन्नई के बाहरी इलाके में किसी किराए के मकान में रहते हैं. करुणानिधि और उनके बीच संबंध पिछले कई दशकों से करीब खत्म से ही हैं.

मुथु का जन्म 1948 में हुआ. मुथु के जन्म के चार साल बाद करुणानिधि ने दूसरी शादी कर ली थी. मुथु बरसों से वो बीमार हैं. तीन साल पहले उन्हें फेफड़ों की समस्या हो गई थी, तब वो सुविधा संपन्न किसी प्राइवेट अस्पताल नहीं बल्कि सरकारी अस्पताल में भर्ती हुए थे.

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थोड़ा पीछे लौटते हैं. मुथु हमेशा से मानते आए हैं कि करुणानिधि ने उनपर कभी ध्यान नहीं दिया. करुणानिधि की दोनों पत्नियों और उनके बच्चों से भी उनकी कभी नहीं बनी. वो परिवार में अलग थलग ज्यादा रहे. मुथु जवानी के दिनों में सुदर्शन व्यक्तित्व वाले थे. उन्होंने अच्छा गला पाया था. मुथु को तमिल सिनेमा में हीरो के रूप में स्थापित करने के लिए करुणानिधि ने काफी जोर लगाया था. उन्होंने बेटे की कई फिल्मों की स्क्रिप्ट खुद लिखी. वो मुथु को तमिल सिनेमा में एमजी रामचंद्रन के समानांतर खड़ा करना चाहते थे.

करुणानिधि चाहते थे कि उनका बेटा तमिल फिल्मों का बड़ा अभिनेता बने

फिल्में नहीं चल पाईं
मुथु ने कई फिल्में कीं. उनकी वेशभूषा और स्टाइल काफी हद तक एमजीआर की नकल हुआ करती थी. हालांकि उनके अभिनय में ज्यादा दम था नहीं. पब्लिक ने उनकी फिल्मों को नकार ही दिया. हालांकि मुथु अच्छे गायक थे, लिहाजा गायन में जरूर ठीकठाक करने लगे. मुथु के मामा एस जयरामन तमिल सिनेमा के बड़े संगीतकार थे.

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द्रमुक की राजनीति में आने की कोशिश की
जब वो फिल्मों में नहीं चल पाए तो फिर उन्होंने राजनीति में आने की कोशिश की. वो द्रमुक की मीटिंग्स में जाने लगे. शुरुआती बरसों में लोगों ने उन्हें अक्सर पार्टी मीटिंग में शिरकत करते देखा है. लेकिन ना जाने किस बात पर पिता से तनातनी हुई. उन्होंने तमिलनाडु में पिता के कट्टर प्रतिद्वंद्वी एमजीआर से हाथ मिला लिया. करुणानिधि इतने नाराज हुए कि उन्होंने तुरंत सारे संबंध तोड़ लिये. परिवार में वो प्रतिबंधित हो गए. हालांकि मुथु और करुणानिधि के संबंधों में उतार चढाव भी लगातार जारी रहा. यानि समझाने-बुझाने से लेकर और बगावत का सिलसिला.

मुथु ने जितनी फिल्में कीं, उसमें उन्होंने एमजी रामचंद्रन की नकल अधिक की

ड्रग्स और शराब के आदी हो गए
80 के दशक में मुथु ने ड्रग्स और शराब का कुछ ज्यादा ही सेवन शुरू कर दिया. उन्हें ड्रग रिहाबलिटेशन सेंटर जाना पड़ा. लेकिन कभी इस समस्या से उबर नहीं पाए. 2008 में ड्रग्स और शराब के इलाज के बाद वो फिर कॉलीवुड लौटे. हालांकि वो मानसिक और शारीरिक तौर पर काफी झटक चुके थे. उन्होंने फिल्म भानु थावनी में गाना गाया. प्रेस कांफ्रेंस में रू-ब-रू हुए. उन्होंने कहा, अब बदला हुआ मुथु आपके सामने है. जो बातें गुजर गईं वो गुजर गईं. उन्होंने कहा कि मैं फिल्मों में फिर एक अच्छी पारी खेलना चाहता हूं. अच्छे अवसर की तलाश में हूं. हालांकि ये अवसर उन्हें शायद मिला नहीं.

वर्ष 2008 के आसपास मुथु ने वापस दक्षिण भारतीय फिल्मों में लौटने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके

जयललिता से भी मदद ली
वर्ष 2009 में दक्षिण भारत के मीडिया में उनके अपने पिता के साथ समझौते की खबरें आई. हालांकि इससे ठीक पहले वो अन्नाद्रमुख के चेनई के मुख्यालय के सामने भी अक्सर बैठे दिखते थे. जहां वो अपने नामी पिता और उनके बेटों को कोस रहे होते थे. इसी दौरान उन्होंने जयललिता से मेलमुलाकात बढ़ाने की कोशिश की. जयललिता में उन्हें ज्यादा महत्व नहीं दिया. अलबत्ता उन्हें सरकार की ओर से पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद जरूर कर दी.

करुणानिधि का मानना है कि उनके बड़े बेटे ने उन्हें कभी समझा ही नहीं. उनका दिल उसने ज्यादा दुखाया

पिता ने कहा-बेटे ने मुझे कभी समझा ही नहीं
वर्ष 2015 में वो जब फेफड़े और श्वांस की समस्या के चलते सरकारी अस्पताल में दाखिल हुए तो करुणानिधि और स्तालिन जरूर उन्हें देखने पहुंचे. तब फिर पिता से उनका समझौता हो गया. पिता ने कहा, मेरे इस बेटे ने कभी मुझे समझा ही नहीं. काश इसने अपने पिता को अच्छे से समझा होता. ये बस लोगों के उकसावे पर उनके हाथों में खेलता रहा. हालांकि बेटे का कहना था कि डीएमके ने खराब हाल के बाद मेरी उपेक्षा ही की है.

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आलीशान मकान हड़प लिया गया
एक जमाने में मुथु के पास चेन्नई के पॉश इलाके गोपालपुरम में बड़ा मकान था. लेकिन अब वो भी उनका नहीं रहा. मुथु और उनकी पत्नी जे शिवागामासुंदरी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे अरुबुनिधि ने उन्हें मकान से ऩिकालकर उसको किराए पर चढ़ा दिया है. बेटा उनसे दुर्व्यवहार भी करता है. अरुबुनिधि खुद तमिल सिनेमा का फ्लॉप एक्टर है और अब रियल एस्टेट के कारोबार में किस्मत आजमा रहा है. मुथु अब चेन्नई के बाहरी इलाके में एक छोटे से घर में जिस तरह और जिस हाल में रहते हैं, उससे बहुत से लोगों को हैरानी होती है कि वो उस ताकतवर परिवार के एक सदस्य हैं, जो अब अरबपति माना जाता है. जिसके पास काफी संपत्तियां हैं. वहीं परिवार का सबसे बड़ा बेटा दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर है.

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