हिंदी न्यूज़ – केरल: चार लोगों की हत्‍या के पीछे काला जादू और बदला, कहानी सुनकर रिपोर्टर बेहोश-Black Magic, Rivalry and Revenge Behind Brutal Murder of Kerala Family: Police

केरल: चार लोगों की हत्‍या के पीछे काला जादू और बदला, कहानी सुनकर रिपोर्टर बेहोश

सांकेतिक तस्‍वीर

News18Hindi

Updated: August 6, 2018, 11:14 PM IST

चंद्रकांत विश्वनाथ

केरल में सोमवार दोपहर बाद इडुक्की के एसपी थोडुपुझा के डिप्टी एसपी के ऑफिस में एक परिवार की हत्या की दर्दनाक कहानी सुना रहे थे तो उनकी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद एक रिपोर्टर बेहोश होकर गिर गया. दरअसल हत्याओं की यह कहानी थी ही कुछ ऐसी. हत्या के आरोपी युवक को पकड़ लिया गया है और उसने अपने अंधविश्वास और महत्वाकांक्षा की कहानी पुलिस को बताई.

एसपी के केबी वेनुगोपाल के मुताबिक थोडुपुझा के पास कंबाकक्करनम में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्याओं का मकसद पीछे काला जादू है. परिवार के 52 साल के मुखिया कांत कृष्णन काले जादू में यकीन रखते थे और इसका प्रयोग भी करता था. उसकी हत्या का आरोप उसके मशहूर पूर्व सहायक अनीष पर है. उसे लगता है कि कृष्णन ने उसकी शक्तियां छीन ली हैं. उसी ने पिछले सप्ताह कृष्णन समेत उसकी 50 साल की पत्नी सुशीला, 21 साल की बेटी अर्शा और 18 साल के बेटे अर्जुन को मारकर उनके शव उन्हीं के घर के पिछवाड़े जमीन में दबा दिए थे.

पुलिस ने उसके साथ लिबीश को भी गिरफ्तार किया है. इसी ने यह अपराध करने में मुख्य तौर पर उसकी मदद की. पुलिस के मुताबिक अनीश दो-तीन साल से काला जादू करने में कृष्णन के सहायक के तौर पर काम करता रहा. वो भी काले जादू का जानकार बन गया लेकिन बाद में उसने अपने घर के पास ही दोपहिया बनाने की दुकान खोल लिया. हालांकि वो काला जादू का काम करता रहा लेकिन काला जादू वाला काम ठीक नहीं चल रहा था.के बी वेनुगोपाल के मुताबिक, ‘अनीश और लिबिश 15 साल से दोस्त हैं. इन दोनों ने मिल कर 29 जुलाई की आधी रात के बाद इन हत्याओं को अंजाम दिया. कुछ वक्त से अनीश का जादू काम नहीं कर रहा था, क्योंकि उसे लगता था कि कृष्णन ने उसकी शक्तियां छीन ली हैं. अनीश को लगा कि उसे अपनी शक्तियां हासिल करने के लिए कृष्णन को मारना ही होगा. उसके पास ताड़ पत्र पर लिखी एक किताब भी थी.’

लिबीश के कबूलनामे के आधार पर पुलिस का कहना है कि अनीश पिछले छह महीने से इस साजिश में लगा था. 29 जुलाई की रात वो और लिबीश कृष्णन के घर पहुंच गए. उसका घर रबर के पौधों के बीच है. एसपी के मुताबिक, ‘अनीश की मोटरसाइकिल पर बैठ कर दोनों आए. परिवार पर हमला करने के लिए दोनों दोनों मोटरसाइकिलों के कलपुर्जे लाए थे. कृष्णन घर में सो रहा था. उसे बाहर लाने के लिए दोनों बकरी को मारने लगे. बकरी उसे बहुत प्‍यारी थी.’

बकरी की आवाज सुन कर कृष्णन बाहर निकला और इन्होंने उसके सिर पर वार कर दिया. पति के पीछे आ रही पत्नी सुशीला को भी इन लोगों ने मार डाला. उसे लिबीश ने मारा. वो घर में वापस भागी. उनकी बेटी अर्शा बाहर आकर अनीश से लड़ी, लेकिन उसे भी दौड़ा कर घर के किचन में इन दोनों ने मार दिया. उनका बेटा जो दिमागी तौर पर कमजोर है उसे भी इन्होंने मार दिया. फिर दोनों ने सभी को चाकुओं से गोद दिया. इससे वहां बहुत अधिक खून बहने लगा. जब उन्हें पूरा यकीन हो गया कि सब मर गए तब इन लोगों ने घर से जेवर और नकदी भी ले लिया.

अगले दिन आरोपी फिर घर आए और उसने लाशों को दफनाया. उस समय उन्हें लगा कि अर्जुन अभी मरा नहीं है तो उसके सिर पर हथौड़े से मारा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस समय बाप बेटे को जमीन में गाड़ा गया वे मरे नहीं थे. उनके फेफड़ों में धूल गर्द भरी हुई है जो छोटी सी जगह में दफनाए जाने के बाद सांस के जरिए उनके फेफड़ों मे भर गई थी.

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