हिंदी न्यूज़ – “कोई आधार को निजता के लिए खतरा मानता है तो यह बहुत गलत है”: बिल गेट्स-“TOO BAD IF SOMEBODY THINKS AADHAAR CREATES A PRIVACY PROBLEM”: BILL GATES

Exclusive: आधार कार्ड से प्राइवेसी को खतरा नहीं- बिल गेट्स

Bill Gates speaks during an interview with Reuters in London, Britain, April 18, 2018. REUTERS/Hannah McKay – RC194AAA6A30

News18Hindi

Updated: August 10, 2018, 7:47 PM IST

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेटस आधार कार्ड के बड़े समर्थकों में से एक हैं. CNBC-TV18 की शीरीन भान के साथ इंटरव्‍यू में गेटस ने आधार की अच्‍छाइयां गिनाईं और कहा कि इससे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले फर्जी लोगों की पहचान की जा सकती है. जानिए आधार से जुड़े सवाल पर गेटस ने क्‍या कहा.

सवाल: डेटा को लेकर भारत और दुनिया में बहस चल रही है, आप आधार के पक्षधर रहे हैं. आपने इसका समर्थन किया, आपने इसका बचाव किया और और सवाल सिर्फ इस पर नहीं उठ रहे हैं कि यह अच्छा विचार है या नहीं बल्कि इसपर भी है कि क्या प्रत्येक नागरिक के लिए हर सेवा के लिए इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए.  क्योंकि आधार की कल्पना सरकारी सब्सिडी में होने वाली लीकेज को रोकने के लिए की गई थी. भारत आज भी प्राइवेसी फ्रेमवर्क, प्राइवेसी रेग्युलेशन और डेटा की सुरक्षा के लिए जूझ रहा है. इस संदर्भ में सवाल उठता है कि मामला जब कोर्ट में है तो क्या आधार को सभी सेवाओं से जोड़ना सही है?

जवाबआधार एक ऐसी चीज है जो आपको किसी की नकल करने से रोकता है जैसे कि सरकारी योजनाओं में फर्जी लोग हो सकते हैं. आधार आपको फर्जी लोगों को सरकारी दस्‍तावेजों में होने से रोकता है. यह आपको उन चीजों को एकत्रित करने से रोकता है जो आपको नहीं करनी चाहिए, जैसे कि ऐसे हेल्थ रिकॉर्ड तक आपकी पहुंच न हो जिन तक आपकी पहुंच नहीं होनी चाहिए. तो आधार मूल रुप से पहचान के लिए है, इसलिए अगर किसी को लगता है कि आधार निजता के लिए समस्या है तो यह बहुत गलत है. निजता का मुद्दा एप्लिकेशन के बारे में है. अगर आप टैक्स भरने और अपने लाभ के लिए आधार का इस्तेमाल कर रहे हैं उस जानकारी तक किसकी पहुंच है. विचार यह है कि आपके पास एक पहचान है- वह केवल कुछ दार्शनिक चीजों में है- ये अनियंत्रित 12 अंकों का नंबर है.

इस एप्लिकेशन के जरिए जमीन की रजिस्ट्री, वोटिंग प्राइवेसी अथवा मेडिकल प्राइवेसी रिपोर्ट जैसी चीजें शामिल हैं, इसपर सभी सहमत होंगे कि यह महत्वपूर्ण है. यह देखना अजीब है कि गोपनीयता के मुद्दे को किस तरह से परिभाषित किया जा रहा है जैसे सरकारी पेरोल पर फर्जी और डुप्लीकेट लोगों का होना सही है, इन पर कितना पैसा और भरोसा जाया हो जाता है. अब मिडिलमैन की बात करते हैं जब अमीर लोग इन सुविधाओं का लाभ लेने लगते हैं और पूरे धन पर कब्जा जमा लेते हैं तो फिर भरोसा खत्‍म हो जाता है. इस तरह नाकाबिल होना बहुत अन्यायपूर्ण है इसलिए सुविधाओं के लिए होने वाली विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी कम हुई है. अगर लोग सरकारी गुणवत्ता की परवाह करते हैं तो यह बहुत बड़ी बात है.

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