हिंदी न्यूज़ – कहो गजानंद कैसे हो… । fictional talk with gajanand sharma the prisoner released from Pakistan after 36 years

{राजस्थान के जयपुर के रहने वाले गजानंद शर्मा 36 साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए हैं. वह 1982 में अचानक गायब हो गए थे, बाद में पता चला कि वह पाकिस्तानी जेल में बंद हैं. यहां एक मामले में उन्हें मजह दो महीने की सजा हुई थी लेकिन उन दो महीनों के बीतने में 36 साल का लंबा अरसा लग गया. उनकी वतन वापसी पर हम बता रहे हैं कि उनके गायब होने से अब तक देश में क्या कुछ बदल गया है….}

कहो गजानंद कैसे हो? राम राम! बहुत सालों बाद लौटे हो. अरे, घबराओ मत. अपना ही देश है. बस थोड़ा बदल गया है. वैसे तो बहुत कुछ तुमने देख लिया होगा. लेकिन उलझन में हो. परेशान मत होओ. देश बदल गया है. जब तुम यहां से गए तब से अब तक दुनिया बदल गई है.

गजानंद भाई तुम यहां से गए थे, तब इस देश में टीवी बहुत कम ही लोगों के पास था. शायद अपने जयपुर में भी शुरू हो गया था या होने वाला था. लंबे-लंबे एंटीना वाले टेलीविजन. ब्लैक एंड ह्वाइट ही होते थे तब. अब तो सब रंगीन हो गया है. अरे तुमने तो सुना भी नहीं होगा कि घर-घर टीवी आ चुका है. कैसे सुना होता. तुम थे, तो राजीव गांधी बस नेता भर थे. पीएम तो उनकी मम्मी इंदिरा गांधी थी. वैसे तुम्हारे जाने के साल दो साल के भीतर बहुत सी जगहों पर ब्लैक एंड ह्वाइट टीवी आने लगा था.

हां, दो साल बाद ही इंदिरा जी को मार दिया गया. बहुत दुखद था. एक सिख ने मारा था. लेकिन उससे भी दुखद ये हुआ कि बहुत से सरदारों को लोगों ने मार दिया. अपना शहर भी सनक गया था. लोगों ने सिखों की दुकानें भी लूट ली थीं. अपने सतनाम, हरनाम दोनों भाइयों को मार दिया दंगाइयो ने. किसी से कहना मत तिरंगे वाले भी उनके साथ थे.ग्राफिक्स में देखें कितना बदल गया हिंदुस्तान

तुम जब यहां से गए थे तब कारें भी सिर्फ ब्लैक एंड ह्वाइट होती थीं. डॉक्टर साहेब की सफेद वाली फिएट और सेठ जी के घर लिहाफ से ढांकी रहने वाली काली रंग की अंबेस्डर. मारुति का नाम भी तुमने नहीं सुना था. अरे हनुमान जी वाले नहीं. संजय गांधी वाले. तुम्हारे जाने के साल भर के भीतर ही पहली मारुति भी आ गई. अब तो देखो कैसी रंग-बिरंगी गाड़ियां फर्राटे भर रही हैं. बड़ी आसानी से लोन भी मिल जा रहे हैं. अपने छोरों के पास भी चारपहिया हैं.

गजानंंद शर्मा

अरे हां, फोन तो देखा ही था तुमने. लेकिन उस समय बंबई, अरे नहीं अब मुंबई कहो, फूफा जी को फोन लगाने में कितनी दिक्कत होती थी. देख रहे हो न सबके हाथ में फोन है. तार की भी जरूरत नहीं है. हां तार तो याद है न. टेलीग्राम. अब होता ही नहीं है. लेकिन तुम गए थे उस समय तार ही सबसे जल्दी संदेशा ले कर आता था. अब बेकार की चीज हो गई है. दुनिया सिमट के सिम में आ गई है. जिससे मन करे अभी काल करके बात करा दूं.

इसे खाली फोन मत समझना. फोटो भी खींच लेता है. बिल्कुल कैमरे जैसा. अब कहीं जाकर फोटो छपवाने भी नहीं पड़ते. इसी फोन से भेज देता हूं. देखो न, अपनी बिटिया के पूरे परिवार की फोटो देख लो. फेसबुक कहते हैं इसे. लाओ तुम्हारी फोटो वॉट्सऐप कर देता हूं बिटिया को. तुम्हें देखना चाहती थी. ऑनलाइन है. अ.. हां… , चला गया. देखो ये सही के निशान नीले हो गए न मतलब उसने देख भी लिया.

इसी फोन से खरीदारी भी कर सकते हैं. मोदी जी ने कर दिया है. पुरानी सारी नोटें बंद कर दीं. नई नई कड़क नोटें हैं, देखो. वैसे नोट रखना अब जरूरी भी नहीं है. फोन के पेटीएम से खरीदारी कर लो. खरीदने पर कुछ पैसे भी वापस भी आ जाएंगे. कैशबैक कहलाता है. समझ जाओगे. तुम भी समझ जाओगे. सारे सेठ लाइन में लग गए थे, जब नोटबंदी हुई थी. मजा आ गया था.

बहुत सारे लोग इसी फोन से रेल की टिकट भी करा लेते हैं. पैसे भी भेज देते हैं और ले भी लेते हैं. टैक्सी भी बुला लेते हैं. ये सब इसी छोटे से फोन से हो जाता है. मैं अभी ये सब नहीं करता थोड़ा डर लगता है. कहीं कुछ..

खैर, देख ही रहे हो सड़कें अब उस समय से बहुत अच्छी हो गई है. और बहुत जल्द ही बुलेट ट्रेन भी चलेगी अपने देश में. हां जिन्होंने तुम्हें छुड़ाया यानी मोदी जी ही चलवाएंगे अगर 2019 में फिर पीएम बन गए तो.

बनेंगे ही पीएम, भगवान राम का मंदिर जो बनवाना है. हां, तुम्हारे चले जाने के बाद आडवाणी जी ने मंदिर के लिए रथ-यात्रा निकाली थी. उस समय मंदिर नहीं बन सका. फिर भी बाद में भगवान राम को दर्शन के लिए बाहर निकाल दिया गया. उनका मंदिर कहो या मस्जिद कहो, जो भी था तोड़ दिया गया. तुम जेल में ही रहे होगे. बड़ा दंगा हुआ था. मुंबई में बम फोड़ दिए गए. कहा गया कि मंदिर का बदला लिया गया है.
जो भी हो मंदिर बनेगा ही, और मंदिर तभी बनेगा जब फिर से मोदी जी पीएम बनेगे. रथ यात्रा भले ही आडवाणी जी ने निकाली थी प्रधानमंत्री अटल जी और मोदी जी ही बने. आडवाणी जी अब बुजुर्ग हो गए हैं. अरे हां, पाकिस्तान से लौट कर ही बुजुर्ग. छोड़ो भी हम लोग तो अयोध्या जी चलेंगे. भगवान राम के दर्शन करेंगे.

और हां पाकिस्तान में तो वो क्रिकेट वाला इमरान पीएम हो गया है. खैर छोड़ो, अपनी कहो. अरे हां इस बीच अपने देश में गऊ माता की इज्जत बहुत बढ़ गई है. वैसे तो तुम्हारे घर से भी रोज गो-ग्रास निकलता था. लेकिन अब तो गऊ माता की ओर किसी ने नजर उठाई तो उसकी आंख निकाल लेते हैं. ये बड़ा काम हुआ है. गाय काटने वालों को तो लोग ही काट देते हैं.

ये तो चलता ही रहेगा. तुम कमजोर लग रहे हो. घबराओ मत. डॉक्टरी में भी खूब तरक्की हो गई है. यहीं जयपुर में इलाज हो जाएगा. जल्द ही ठीक हो जाओगे. फिर खूब घूमेंगे. तुम्हे वो सब दिखाएंगे, जो तुम नहीं देख सके. 36 साल में सब बदल गया है.

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