हिंदी न्यूज़ – ANALYSIS: जश्न-ए-आज़ादी पर PM मोदी ने लाल किले से फूंका चुनावी बिगुल?-ANALYSIS I’ll Be Back The Subliminal Message in Narendra Modi’s Pre-Poll Punch on Independence Day

(भवदीप कांग)

72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पांचवीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हम कहां से चलते थे, उस पर नजर नहीं डालेंगे तो कहां गए हैं, कितना पहुंचे हैं, इसका अंदाजा नहीं आएगा. इसलिए 2013 में हमारा देश जिस रफ्तार से चल रहा था, हम उसे आधार मानें और पिछले चार साल में बहुत काम हुए हैं. हमें नए संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा. पीएम मोदी ने अपने भाषण में जहां पिछले चार सालों का लेखा-जोखा पेश किया, वहीं 2019 के चुनाव का बिगुल भी फूंका. (VIDEO: देखिए जश्न-ए-आज़ादी पर पीएम मोदी का पूरा भाषण)

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अपने भाषणों में पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. मोदी ने अब तक के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के जरिये देश की अलग-अलग तस्वीर भी दिखाई. उन्होंने बताया कि कैसे देश तरक्की कर रहा है. साइंस, टेक्नोलॉजी, इकोनॉमी में कैसे हिंदुस्तान की साख और धाक बन रही है. पीएम मोदी ने विपक्ष का नाम लिये बगैर कहा कि वो 2013 का भारत था. ये 2018 का भारत है. चार सालों में चीजें बहुत तेजी से बदल चुकी हैं. ये देश न झुकेगा, न रुकेगा और न ही थकेगा. ऐसा कहकर पीएम मोदी ने अपने विपक्षियों को इशारों-इशारों में जाहिर कर दिया कि ‘मैं वापस आऊंगा.’

पीएम मोदी ने इस बार भी अपना भाषण गरीबों, महिलाओं और किसानों पर फोकस रखा. ऐसा करके उन्होंने एक बार फिर खुद को आम आदमी से जोड़ने की कोशिश की. वहीं, युवाओं को भी नहीं भुले. पीएम ने जहां 2022 तक अंतरिक्ष में ‘मानवसहित गगनयान’ भेजने का ऐलान किया, वहीं गांवों के विकास की और 2022 तक किसानों की इनकम डबल करने के अपने लक्ष्य को भी दोहराया.

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मोदी ने कहा कि दुनिया में आज भारत की साख बढ़ी है. विश्व मंचों में हमने अपनी आवाज बुलंद की है. आज देश को विश्व की अनगिनत संस्थाओं में हमें स्थान मिला है. आज भारत पर्यावरण की चिंता करने वालों के लिए अगुवाई कर रहा है. भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है. विश्व में कहीं पर भी अगर मेरा हिंदुस्तानी संकट में है, तो उसे भरोसा है कि मेरा देश मेरे पीछे खड़ा है. ऐस कहकर पीएम मोदी ने ये जताने की कोशिश की है कि सरकार आम लोगों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में अपने कार्यकाल में लिए गए बड़े फैसलों जैसे गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और वन रैंक वन पेंशन (OROP) का जिक्र भी किया. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार GST और OROP को लागू करने से बच रही थी. लेकिन, हमने इसे लागू किया. पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि पहले भारत का मतलब अटकना और भटकना था. लेकिन, आज के भारत का मतलब रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म है. हमेशा की तरह पीएम मोदी ने अपने भाषण में विकास और सुशासन को जोर-शोर से उठाया.

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बदलते भारत की तस्वीर रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर काम किया है. चाहे बात गांवों में बिजली पहुंचाने की हो, कुकिंग गैस की हो, शौचालय बनवाने की हो, सड़क निर्माण की हो या फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की हो; एनडीए सरकार ने अपने वादों को पूरा किया है. नया भारत नई बुलंदियों को छू रहा है. मोदी ने गर्व से कहा कि ये सभी काम चार साल के कार्यकाल में हुए हैं. पिछली सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अगर हम पुरानी सरकार की गति से चलते, तो ये काम पूरे होने में दशकों लग जाते.

अपने भाषण में पीएम मोदी ने यूपीए और एनडीए सरकार की कार्यप्रणाली में अंतर को भी देश को समझाने की कोशिश की. पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘देश वही है, धरती वही है, हवाएं वही हैं, सरकारी दफ्तर वही हैं, निर्णय प्रक्रिया करने वाले लोग वही हैं, फाइलें वही हैं, लेकिन देश चार साल में बदलाव महसूस कर रहा है. देश नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. तभी देश दोगुने हाईवे बना रहा है. गांवों में चार गुना नए घर बना रहा है. रिकॉर्ड अनाज का उत्पादन कर रहा है. रिकॉर्ड मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चरिंग कर रहा है. ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है. आजादी के बाद सबसे ज्यादा हवाई जहाज खरीदने का काम हो रहा है. देश आज स्कूलों में शौचालय बना रहा है, वहीं नए आईआईटी, नए एम्स की स्थापना कर रहा है.’

आर्थिक तरक्की पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि हम भारत की साख बढ़ी है. हम विश्व की छठीं अर्थव्यवस्था बन चुके हैं. दुनिया भारत को अब इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन के तौर पर देखती है.
मोदी ने कहा कि दुनिया भारत के साथ जुड़ने की चर्चा करते समय बिजली जाने के दिनों को याद करती थी. वही लोग कह रहे हैं कि सोया हुआ हाथी अब जग चुका है, चल पड़ा है. सोए हुए हाथी ने अपनी दौड़ शुरू कर दी है. आने वाले तीन दशक तक विश्व की आर्थिक ताकत को भारत गति देगा. क्योंकि भारत विश्व के विकास का नया स्रोत बनने वाला है. इस तरह पीएम मोदी ने यूपीए और एनडीए सरकार के दौरान देश की आर्थिक स्थिति की तस्वीर भी रख दी.

पीएम मोदी ने हमेशा की तरह अपने भाषण में भ्रष्टाचार और कालेधन का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने अपनी सरकार की इमेज को लेकर कहा कि देश आज ईमानदारी का जश्न मना रहा है. वहीं, विपक्ष का नाम लिये बगैर कहा कि कालेधन वालों की खैर नहीं है. ये लड़ाई आगे भी जारी रहेगी. मोदी ने कहा, ‘‘हम मक्खन पर लकीर खींचने वालों में नहीं हैं, हम पत्थर पर लकीर खींचने वालों में से हैं. मक्खन पर लकीर तो कोई भी खींच सकता है. हम बीज से लेकर बाजरा तक वैल्यू एडिशन करना चाहते हैं.”

हमेशा की तरह पीएम मोदी ने अपने भाषणों को ‘पर्सनल टच’ देने की कोशिश की. उन्होंने अपने भाषणों में कई बार ‘मेरे देशवासियों’, ‘मेरे प्यारे भाईयो-बहनों’, ‘हम’ और ‘हमारे’ का प्रयोग किया. मोदी ने प्रत्यक्ष रूप से बेरोजगारी पर तो बात नहीं की, लेकिन स्किल डेवलपमेंट स्कीम, मुद्रा स्कीम, स्टार्ट-अप को जरूर हाइलाइट किया.

लोकसभा चुनाव से पहले लाल किले की प्राचीर से दिया गया ये पीएम मोदी का आखिरी भाषण था. वैसे मोदी का कोई भी भाषण महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद किए बिना पूरा नहीं होता. इसबार भी यही हुआ. आज पीएम प्रधानमंत्री आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत योजना) का ऐलान करने वाले थे. लेकिन, इसे अब 25 सितंबर को लागू किया जाएगा, क्योंकि इस दिन दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है.

(लेखक सीनियर जर्नलिस्ट हैं. ये उनके निजी विचार हैं.)

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