हिंदी न्यूज़ – When atal bihari Vajpayee made Dilip Kumar talk to Nawaz Sharif to broker Indo- Pak peace

जब अटल बिहारी वाजपेयी के लिए दिलीप कुमार ने पाक पीएम को डांट दिया

जब दिलीप कुमार ने पाक पीएम को डांट दिया.. (फ़ाइल फोटो)

Ankit Francis

Ankit Francis

| News18Hindi

Updated: August 16, 2018, 11:17 AM IST

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अभिनेता दिलीप कुमार के रिश्ते काफी अच्छे थे और ऐसा कई मौकों पर अक्सर सामने भी आता रहा था. पाकिस्तान की करगिल घुसपैठ के दौरान एक ऐसा मौका भी आया जब अटल बिहारी वाजपेयी के लिए दिलीप कुमार ने तत्कालीन पाक पीएम नवाज़ शरीफ तक को डांट लगा दी थी. दिलीप ने शरीफ को ‘शराफत’ से रहने की सलाह भी दे दी थी.

क्या था मामला
ये पूरा मामला समझने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा और 1999 के लाहौर घोषणा पत्र का ज़िक्र करना ज़रूरी है. इस घोषणा पत्र के साथ ही ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि अब दोनों देशों के रिश्ते दोस्ताना हो सकते हैं. इस समझौते में दोनों देशों ने शिमला समझौते को लागू करने के प्रति प्रतिबद्धता भी जाहिर की थी. वाजपेयी की यात्रा के दौरान पाकिस्तान के कई कट्टरपंथी संगठनों ने विरोध भी किया था और मीनार-ए-पाकिस्तान के प्लेटफ़ॉर्म को ये कहकर धुलवाया था कि यहां दुश्मन देश के प्रधानमंत्री के कदम पड़ गए हैं.

हालांकि ये दोस्ती ज्यादा दिन टिक नहीं पाई और पकिस्तान के नए-नए बने सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ की शह पर करगिल में घुसपैठ शुरू हो गई और स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई. वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी की किताब ‘हार नहीं मानूंगा-अटल एक जीवन गाथा’ में भी इसका ज़िक्र किया गया है कि मुशर्रफ ने शरीफ से सत्ता हथियाने के लिए करगिल को अंजाम दिया था.

बहरहाल पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने अपनी किताब ‘नीदर ए हॉक नॉर ए डव’ में दिलीप कुमार वाले इस किस्से का ज़िक्र किया है. उनके मुताबिक करगिल घुसपैठ से नाराज़ वाजपेयी ने दिलीप कुमार से नवाज़ के व्यवहार के प्रति दुःख व्यक्त किया था. इसके बाद दिलीप कुमार ने खुद नवाज़ शरीफ से बात की थी. गौरतलब है कि दिलीप कुमार भी साल 1997 में अटल के साथ बस से लाहौर गए थे. इसी साल पाकिस्तान ने दिलीप को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘निशान ए इम्तियाज़’ से भी सम्मानित किया था.

हुआ यूं कि करगिल घुसपैठ को अटल ने पीठ में खंजर की तरह माना और इसकी शिकायत दिलीप से भी की. अटल ने कहा कि शरीफ ने एक तरफ लाहौर में अमन की बातें की और दूसरी तरफ मुशर्रफ को घुसपैठ करने से भी नहीं रोका. कसूरी के मुताबिक वाजपेयी ने शरीफ को शिकायत भरा फोन किया और अचनाक ही फोन दिलीप कुमार को पकड़ा दिया. दिलीप की आवाज़ सुनकर शरीफ भी घबरा गए लेकिन दिलीप ने बोलना जारी रखा. उन्होंने कहा- ‘मियां साहिब, आपने हमेशा अमन के बड़े समर्थक होने का दावा किया है इसलिए हम आपसे जंग की उम्मीद नहीं करते. तनाव के हालत में भारतीय मुसलमान बहुत असुरक्षित हो जाते हैं , इसलिए हालत को काबू करने में बराय मेहरबानी कुछ कीजिए.’

कसूरी ने बताया है कि अटल ने सरताज अजीज को भी फोन कर अपना दुःख जाहिर किया था. पाकिस्तान में उच्चायुक्त रहे पार्थसारथी के के मुताबिक दिलीप की इस बात से शरीफ को बड़ा धक्का लगा था. एक तरफ तो वो तख्तापलट रोकने की कोशिश में लगे थे वहीं उन्हें ये एहसास भी हो गया था कि करगिल की घटना से उनकी छवि को कितना बड़ा नुकसान हो गया है.

और भी देखें

Updated: August 14, 2018 11:06 PM ISTआर-पार : आज़ादी मिल गई लेकिन हमारे जवानों को शहादत से आज़ादी कब मिलेगी?

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *