हिंदी न्यूज़ – केरल की एक बाढ़ पीड़ित की व्यथा, ‘अब जीवन को पटरी पर लाना चुनौती है’-It is a big challenge to bring life back on track-Kerala floods Victim

‘‘ईश्वर उनका भला करे’’. खुद को मिल रही मदद के लिए बाढ़ पीड़ित मारिया फ्रांसिस अपनी लड़खड़ाती जुबान में इन्हीं शब्दों के साथ उन मददगार लोगों का शुक्रिया अदा करती हैं. मारिया फ्रांसिस, सदी की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहे केरल में बाढ़ पीड़ित विस्थापितों के लिए बने एक राहत शिविर में रह रहीं हैं.

फ्रांसिस पनमपिल्ली नगर के एक सरकारी स्कूल में बने राहत शिविर में रह रहे उन 256 शरणार्थियों में से एक हैं. यहां वह पिछले चार दिनों से हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें सिर्फ एक बात की चिंता सता रही है- जबरदस्त बारिश से तहस-नहस हुए अपने सामान्य जीवन को फिर से पटरी पर लाना.’’

ये भी पढ़ें: केरल: बाढ़ में खराब हो गए स्कूल सर्टिफिकेट, परेशान युवक ने की आत्महत्याफ्रांसिस की उम्र 40 के पार है. वह उस पल को याद करती हैं जब चित्तूर के निकट स्थित उनके घर में बाढ़ का पानी घुस गया था. बाढ़ के पानी में जहां-तहां बहते मलबों के बीच कुछ लोगों के साथ उन्हें भी एक नौका की मदद से वहां से निकाला गया और राहत शिविर भेज दिया.

उन्होंने बताया हालांकि बढ़ते जलस्तर के कारण अधिकारियों ने उन्हें अन्य सुरक्षित स्थान भेज दिया, जहां अभी वे शरण लिए हुए हैं.

उन्होंने बताया, ‘‘मेरे और अन्य लोगों के घर में पानी घुस जाने के बाद हमें वहां से निकाला गया. शिविर में कोच्चि उपनगर के विभिन्न इलाकों से लोग शरण लिए हुए हैं. यहां हमें भोजन, पानी, कपड़े और दवाइयां सबकुछ मिल रहे हैं. शिविर चला रहे लोग यह सुनिश्चित कर रहे हैं हमें सारी चीजें मिलें.’’

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रूंधे गले से उन्होंने कहा, ‘‘वे बहुत ख्याल रख रहे हैं. इसे बयां करने के लिये मेरे पास शब्द नहीं हैं. हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे.’’

एक अन्य विस्थापित महिला ने भी इससे सहमति जतायी और कहा कि अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाना उनके लिये बड़ी चिंता है.

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