हिंदी न्यूज़ – केरल ने केंद्र से मांगा विशेष पैकेज, मारुति सुजुकी, बजाज जैसी बड़ी कंपनियों के साथ UAE ने भी मदद का किया ऐलान-Kerala floods State seeks Rs 2,600 cr special package from Centre big Corporates give monetary help for Kerala flood victims

भयंकर बारिश और विनाशकारी बाढ़ के बाद अब ज़िन्दगी पटरी पर लाने की जद्दोजहद में जुटे केरल ने मंगलवार को केंद्र से 2600 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज मांगा. पिछले एक पखवाड़े में राज्य में बाढ़ की वजह से 223 लोगों की जान चली गयी और 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए.

मुख्मयंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अपनी एक बैठक में मनरेगा समेत केंद्र की विभिन्न योजनाओं के तहत उससे एक विशेष पैकेज मांगने का निर्णय लिया. विजयन ने कहा कि इस आपदाकारी बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करने के लिए 30 अगस्त को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. पिछले सौ साल में पहली बार ऐसी विनाशकारी बाढ़ आई है.

मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि राज्य को करीब 20,000 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है. प्रधानमंत्री और दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने राज्य के लिए अब तक 680 करोड़ रुपए की अंतरिम सहायता की घोषणा की है. विजयन ने कहा कि केरल केंद्र से उस ऋण की सीमा बढ़ाने का भी आह्वान करेगा जिसे वो बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण कार्य के लिए खुले बाज़ार से हासिल कर सके. राज्य के कुल 14 जिलो में से 13 बाढ़ से तबाह हो गए हैं और लोगों की आंखों में विनाश की लीला का डर समाया हुआ है.

यूएई करेगा 700 करोड़ की मददनयनाभिराम केरल की मानवीय त्रासदी की कहानी सामने आने के साथ राहत के लिए हाथ बढ़ने लगे हैं. अन्य राज्यों की सरकारें, कोरपोरेट निकायों, व्यक्तियों ने दिल खोलकर दान करना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री विजयन ने बताया है कि संयुक्त अरब अमीरात ने राज्य के पुनर्निर्माण कार्य के लिए करीब 700 करोड़ रुपए की सहायता का वादा किया है. अबू धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया और इस सहायता की पेशकश की. राज्य स्तरीय बैंकर समिति ने भी कृषि ऋण की अदायगी पर साल भर के लिए छूट देने का निर्णय लिया है.

राहत शिविरों में रह रहे 10 लाख से ज्यादा लोग
करीब 2.12 लाख महिलाओं, 12 वर्ष से कम उम्र के एक लाख बच्चों समेत 10.78 लाख लोगों ने 3,200 राहत शिविरों में शरण ले रखी है. करीब पंद्रह दिन पहले मानसून ने राज्य पर अपना कहर बरपाना शुरु किया था और लोगों को ऐसे में अपना घरबार छोड़कर राहत शिविरों की शरण में जाना पड़ा. हालांकि बीते दो दिन से बरसात से कुछ राहत मिली है, लेकिन बाढ़ प्रभावित एर्नाकुलम, त्रिशूर, पथनमथिट्टा, अलाफुझा और कोल्लम जिलों के विशाल हिस्से में अब भी जलस्तर ऊंचा बना हुआ है.

वैसे तो बाढ़ में फंसे ज्यादातर लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं, लेकिन राज्य सरकार एवं रक्षाबलों ने कहा है कि जबतक अंतिम व्यक्ति बाहर सुरक्षित नहीं निकाल लिया जाता, बचाव प्रयास जारी रहेंगे. केवल पिछले पांच दिनों में 1.63 लाख से अधिक लोगों को बचाया गया है.

फीकी पड़ी ओणम और बकरीद की खुशी
राज्य के इस भयंकर त्रासदी के अंधेरे में डूबने के साथ ही ओणम का रंग भी फीका हो गया है तथा सरकार एवं अन्य निकायों ने 25 अगस्त के कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है. इस उत्सव के लिए एकत्र पैसे अब बाढ़ राहत पर खर्च किए जाएंगे. बुधवार को बकरीद भी बिल्कुल सामान्य रहेगा. विजयन ने कहा कि अधिकांश स्थानों पर रेल एवं सड़क यातायात बहाल हो गया है, लेकिन मलबे की सफाई बहुत बड़ा काम है और उसके लिए विशाल कार्ययोजना तैयार की जा रही है.

कोच्चि एयरपोर्ट को 220 करोड़ का नुकसान
वहीं केरल में भारी बारिश और बाढ़ से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड को 220 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है.एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सायल प्रबंधन ने बाढ़ से तबाह हुए बुनियादी ढांचे को फिर से बनाना शुरू किया है. इसमें हवाईअड्डे की ढाई किलोमीटर लंबी चाहरदिवारी भी शामिल है जो पेरियार नदी में जलस्तर बढ़ने के चलते बह गई थी.

अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से रनवे, विमानों के खड़े होने के स्थान टैक्सी बे, सीमाशुल्क मुक्त दुकानों के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टर्मिनलों के कई क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा रनवे की प्रकाश व्यवस्था समेत इलेक्ट्रिकल उपकरण को भी क्षति पहुंची है. उन्होंने कहा कि दुनिया के पहले पूरी तरह सौर ऊर्जा संचालित इस हवाईअड्डे का सौर बिजली संयंत्र भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है. हवाईअड्डे के अगले हफ्ते फिर से चालू होने की उम्मीद है.

373 लोगों की मौत
आंकड़ों के मुताबिक केरल में इस साल 30 मई से मॉनसूनी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की विभिन्न घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 373 हो गयी है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) ने मंगलवार को एक बयान में ये जानकारी दी. राज्य के सभी 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ के कारण कुल 87 लोग घायल भी हुए हैं और 32 अन्य लापता हैं. इसमें कहा गया है कि भीषण बाढ़ के कारण केरल में 54.11 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और उनमें से 12.47 लाख लोगों ने 5645 राहत शिविरों में शरण ली है.

बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने 59 टीमों और 207 नौकाओं को तैनात किया है. वहीं सेना ने 23 टीमों और 104 नौकाओं को तैनात किया है. नौसेना ने 94 टीमें तैनात की है. नौसेना ने एक मेडिकल टीम, नौ हेलीकॉप्टर, दो विशेष विमान, 94 नौकाएं भी तैनात की हैं. तटरक्षक बल ने 36 टीमें, 49 नौकाएं, दो हेलीकॉप्टर, 23 विशेष हेलीकॉप्टर तैनात की है. वहीं वायुसेना ने 22 हेलीकॉप्टर और 23 विशेष विमान और सीआरपीएफ ने 10 टीमें तैनात की है.

इस बीच देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया और उसके कर्मचारियों ने केरल बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए 3.5 करोड़ रुपए का योगदान किया है. कंपनी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. मारुति ने बयान में कहा कि उसने सरकार के राहत, पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यों को मज़बूती देने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में दो करोड़ रुपए दिए हैं. इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों ने डेढ़ करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की है. इससे पहले बजाज ऑटो ने भी केरल की मदद के लिए 2 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की.

कंपनी ने मंगलवार को कहा कि एक करोड़ की राशि सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष में दी जाएगी और शेष बचे एक करोड़ रुपए का आवंटन जानकीदेवी बजाज ग्राम विकास संस्था (जेबीजीवीएस) को प्रभावित लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरत की चीज़ों का पैकेट वितरित करने के लिए किया गया है. ये योगदान विभिन्न बजाज ट्रस्टों की ओर से दिए गए 50 लाख रुपए के अतिरिक्त है.

इस राशि के माध्यम से बजाज आटो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के करीब एक हज़ार लोगों को बुनियादी और ज़रूरी चीज़ों का पैकेट उपलब्ध कराएगा. कंपनी अपने वाणिज्यिक वाहन डीलरशिपों और एनजीओ के माध्यम से इन पैकेटों की आपूर्ति करेगी. इस पैकेट में वॉटर फिल्टर, ज़रूरी खाने-पीने की चीज़ें, प्लास्टिक की चटाई, कंबल और तौलिया इत्यादि होगा.

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