हिंदी न्यूज़ – बड़ी लापरवाही: बीएमसी ने CJI को ईद पर हाईकोर्ट में बकरा कुरबान करने की इजाजत दी-Big Irresponsibility by BMC, Give Permisson to CJI For Sacrifice on Eid in HC

(अमन सय्यद)

बुधवार को देशभर में ईद का जश्न मनाया जाएगा. मुंबई में भी ईद को लेकर काफी उत्साह है, लेकिन बकरीद के दिन होने वाली कुर्बानियों की प्रक्रिया को लेकर बीएमसी की बड़ी लापरवाही सामने आई है.

बीएमसी ने जॉली एलएलबी (काल्पनिक नाम) को बॉम्बे हाईकोर्ट के कोर्ट रूम नंबर 13 में बकरीद के दिन कुर्बानी करने की इजाजत दी है. केवल जॉली एलएलबी ही नहीं बल्कि देश के मुख्य न्यायाधीश यानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के नाम से भरी गई अर्जी को भी बीएमसी की ओर से मंजूरी मिल गई है. अब बकरीद के दिन वो भी बॉम्बे हाईकोर्ट में बकरी की कुर्बानी दे सकते हैं.

दरअसल ये पूरा मामला एक याचिका से जुड़ा हुआ है. एक याचिकाकर्ता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बीएमसी की ऑनलाइन प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर शिकायत की है. गड़बड़ी को साबित करने के लिए याचिकाकर्ता ने जॉली एलएलबी और सीजेआई के नाम से फॉर्म भरकर बॉम्बे हाईकोर्ट के कोर्टरूम में बकरा कुरबान करने की इजाजत मांगी थी और बीएमसी ने इजाजत दे भी दी.बता दें कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए पहले बीएमसी से इजाजत लेने की जरूरत पड़ती है लेकिन याचिकाकर्ता ने इस प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां होने के विरोध में कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ता का कहना था कि बीएमसी की ओर से जारी ऑनलाइन प्रक्रिया में काफी लापरवाही बरती जा रही है और इसे ठीक करने की जरुरत है.

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याचिकाकर्ता के वकील सुजॉय कांटावाला ने कहा कि एप्लिकेशन में कौन और कहां से अर्जी कर रहा है यह भी चेक नहीं किया जा रहा है. कोर्ट में हमने दो सबूत रखे है जिसमें जॉली एलएलबी और सीजेआई को परमिशन मिल गई है. इस तरह की लापरवाही काफी गंभीर है.

इस मामले की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए साथ ही इस पूरी प्रक्रिया में कई बदलाव करने के निर्देश दिए. कोर्ट की से दिए गए निर्देश के अनुसार अब एक अर्जदार केवल एक ही कुर्बानी कर सकता है.

पहले एक अर्जदार पांच कुर्बानी कर सकता था. याचिका में कत्लखानों के बाहर होने वाली कुर्बानी पर भी रोक लगाने की मांग की गई थी. हालांकि कोर्ट ने कहा कि इस पर ईद के बाद चर्चा होगी. मामले पर अब अगले महीने सुनवाई होगी.

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वहीं जब बीएमसी के महापौर से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया मांग गई तो उन्होंने मामले से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया. मुंबई के मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर ने कहा कि यह कोर्ट का मामला है जिसपर वह जानकारी लेने के बाद बात करेंगे.

बीएमसी सबकुछ ठीक होने का दावा कर रहा है लेकिन हाईकोर्ट में जो कुछ हुआ उसने उसकी पोल खोलकर रख दी है.

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