हिंदी न्यूज़ – भारत-पाकिस्तान पहली बार करेंगे एक साथ सैन्य अभ्यास-after independence first time india and pakistan taking part in military operation

भारत-पाकिस्तान पहली बार करेंगे एक साथ सैन्य अभ्यास

सांकेतिक तस्वीर

News18Hindi

Updated: August 22, 2018, 4:01 PM IST

(संदीप बोल)

भारत और पाकिस्तान पहली बार एक साथ एक जगह आतंक से लड़ने का अभ्यास कर रहे हैं. इसमें सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इस अभ्यास में चीन की सेना भी हिस्सा ले रही है. आज़ादी के बाद पहली बार ऐसा होगा कि भारत और पाकिस्तान किसी सैन्य अभ्यास में एक साथ शामिल हो रहे हैं. रूस में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों का सैन्य अभियान बुधवार से शुरू हो गया. आज़ाद भारत के इतिहास में ये पहली बार हो रहा है कि जब भारत और पाकिस्तान दोनों एक साथ सैन्य अभ्यास कर रहे हैं. अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच कभी कोई सैन्य अभ्यास नहीं हुआ है.

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भारत हमेशा से ही पाकिस्तानी सेना के समर्थन से भारत में भेजे जाने वाले आतंकियों से लड़ती आ रही है. शंघाई सहयोग संगठन  के अंतर्गत होने वाला सैन्य अभ्यास रूस में शुरू हो चुका है जो कि 22 अगस्त से 29 अगस्त तक रूस के चेल्याबिंस्क के सैन्य बेस पर चलेगा. पीस मिशन 2018 के नाम से होने वाले इस अभियान में भारत पाकिस्तान चीन के साथ-साथ रूस, किर्गिस्तान, कजाखस्तान, ताजकिस्तान और उज्बेकिस्तान सहित सभी सदस्य राष्ट्र हिस्सा ले रहे हैं.जानकारों की मानें तो भले इस तरह का अभ्यास पहली बार हो रहा है जब भारत पाकिस्तान एक साथ किसी सैन्य अभ्यास का हिस्सा हैं लेकिन 49 यूएन पीस मिशन के तहत भारत पाकिस्तान लंबे समय से एक साथ काम करते रहे हैं और वहां पर इन दोनों फ़ौजों का रिश्ता काफी बेहतर भी होता हैं. रक्षा विशेषज्ञ पी के सहगल ने बताया कि भारत की तरफ़ से 200 लोगों का दल इस महीने की 14 तारीख़ को ही पहुंच चुका है. इसमें थलसेना के 170 और वायुसेना के 30 अफसर जवान शामिल हैं. वायुसेना का एक मालवाहक विमान IL -76 अभ्यास का हिस्सा बनेगा.

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग मजबूत करने के लिए एससीओ के देश एक दूसरे के साथ अपनी रणनीति साझा करेंगे. वहीं अगर हम पाकिस्तान की बात करें तो इस अभ्यास के लिए पाकिस्तान सेना के 110 सैन्य अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं जो कि एक IL 78 मालवाहक जहाज के साथ रूस पहुंचे हैं.

चीनी सैन्य दल की संख्या 748 की है जिनकी एडवांस्ड पार्टी विमान के जरिए आई है और बाक़ी सैन्य दल ट्रेन के जरिए पहुंचा है. चीन इस अभ्यास के लिए 10 हैलिकॉप्टर, 2 IL-76 और 2 अन्य मालवाहक जहाज, 2 फाइटर जेट और 4 बॉम्बर विमानों के साथ हिस्सा ले रहा है. चीनी सेना 16 अगस्त को रूस पहुंची. अगर जानकारों की मानें तो भारत-पाकिस्तान भले ही एक साथ इस अभ्यास का हिस्सा हैं लेकिन समापन के अलावा एक साथ एक पूल में रहकर रणनीति को साझा करें ऐसा कम ही लगता है.

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लेकिन सभी एक दूसरे से उतनी ही जानकारी साझा करेंगे जितना उनके सुरक्षा लिहाज़ से ज़रूरी होगा. रक्षा विशेषज्ञ पी के सहगल ने बताया कि भारत और पाकिस्तान दोनों देश पिछले साल ही इस संगठन के स्थायी बने. एससीओ का साझा सैन्य अभ्यास दो साल में एक बार आयोजित होता है. इसके अलावा भारत चीन के साथ पहले से ही हैंड इन हैंड अभ्यास करता रहा है लेकिन पिछले साल डोकलाम विवाद के चलते इस अभ्यास को स्थगित कर दिया गया था. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वुहान में हुई बातचीत के बाद इस साल इस अभ्यास को फिर से शुरू किया जाएगा .

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