हिंदी न्यूज़ – कश्मीर के संगठन ने SC में चुनौती दी गई अनुच्छेद 35A में बदलाव पर जनांदोलन की धमकी दी-row over Article 35A Jammu Kashmir civil society group threatens mass agitation Article 35A facing legal challenge in Supreme Court

कश्मीर के संगठन ने SC में चुनौती दी गई अनुच्छेद 35A में बदलाव पर जनांदोलन की धमकी दी

कश्मीर के संगठन ने SC में चुनौती दी गई अनुच्छेद 35A में बदलाव पर जनांदोलन की धमकी दी
(फाइल फोटो)

भाषा

Updated: August 25, 2018, 9:51 PM IST

जम्मू-कश्मीर के एक संगठन ने संविधान के अनुच्छेद 35ए में बदलाव होने पर समूचे राज्य में जनांदोलन शुरू करने की शनिवार को धमकी दी. संविधान के इस अनुच्छेद को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई है.

जम्मू-कश्मीर सिविल सोसाइटी को-आर्डिनेशन कमेटी (जेकेसीएससीसी) शीर्ष अदालत में इस मामले में एक हस्तक्षेपकर्ता है. संगठन का दावा है कि उसके राज्य के तीनों क्षेत्रों जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में सदस्य हैं. जेकेसीएससीसी ने कहा कि अगर इस संवैधानिक प्रावधान को हटाया गया तो केंद्र के साथ राज्य का संबंध टूट जाएगा. ये अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार देता है.

जेकेसीएससीसी के एक सदस्य मुजफ्फर शाह ने संगठन के अन्य सदस्यों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘अगर अनुच्छेद 35 ए के साथ कुछ भी किया गया तो भारत के साथ संबंध उसी वक्त टूट जाएगा. अगर वैसा होता है तो जनांदोलन किया जाएगा.’

उन्होंने कहा, ‘हम लाखनपुर (जम्मू क्षेत्र में राज्य का प्रवेश द्वार) से लेकर लेह (राज्य के लद्दाख क्षेत्र में) तक सड़कों पर उतर जाएंगे. रक्तपात होगा. उसके बाद शांति स्थापित नहीं होगी.’ हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय एक एनजीओ की ओर से इस संबंध में दायर याचिका खारिज़ कर देगा. जम्मू से समूह के सदस्य सुहैल काजमी ने कहा कि संवैधानिक प्रावधान राज्य की जनता की पहचान और गरिमा से जुड़ा मुद्दा है और इसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है.इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने शनिवार को कहा कि संविधान के अनुच्छेद 35 ए को निरस्त करने का किसी को भी प्रयास नहीं करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि शीर्ष अदालत राष्ट्र हित में मामले पर फैसला करेगा.

अय्यर ने ‘जम्मू कश्मीर एवं भारत पाक रिश्तों पर विमर्श’ विषय पर यहां सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस की ओर से यहां आयोजित एक संगोष्ठी में कहा, ‘मेरा मानना है कि किसी को भी इस मुद्दे को नहीं छूना चाहिए. अनुच्छेद 35 ए हमारे संविधान का हिस्सा है और किसी को भी इस हटाने का प्रयास नहीं करना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘इस मुद्दे को अनावश्यक उठाया जा रहा है, जो किसी के भी हित में नहीं है.’ अय्यर ने कहा कि अनुच्छेद 35 ए अक्षुण्ण रहना चाहिए ताकि राज्य के लोग ख़तरा महसूस नहीं करें. उन्होंने कहा, ‘ये मुद्दा अब उच्चतम न्यायालय में है और मुझे उम्मीद है कि वो राष्ट्र हित में फैसला करेगा.’

और भी देखें

Updated: August 25, 2018 07:52 PM ISTजामिया के छात्र ने बनाई ऐसी इलेक्ट्रिकल कार, US से मिला 70 लाख के पैकेज का ऑफर

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *