हिंदी न्यूज़ – कर्नाटक के मंत्री से सीतारमण का विवाद गरमाया, रक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस पर लगाए आरोप – defence ministry clarification claims gross misrepresentation over nirmala sitharaman statement

कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नाटक के मंत्री को आड़े हाथों लेने के लिए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की आलोचना की है. इस सार्वजनिक विवाद के एक दिन बाद शनिवार को रक्षा मंत्रालय ने कर्नाटक के मंत्री सा रा महेश के बर्ताव को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया है. हालांकि, राज्य सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि इससे केंद्र कोई छोटा नहीं हो जाता और उन्हें राज्य के मंत्री के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए था.

दरअसल, कर्नाटक से राज्यसभा सांसद निर्मला सीतारमण ने रक्षा बलों द्वारा चलाए जाने वाले राहत अभियानों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित कोडागू जिले का दौरा किया था. सीतारमण इस दौरान जब मीडिया से बात कर रहीं थीं, उसी दौरान कर्नाटक के मंत्री सा रा महेश ने उनसे कहा कि समीक्षा बैठक के लिए अधिकारी उनका इंतजार कर रहे हैं.

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इसके बाद सीतारमण ने कहा था, “आपके पास मेरे लिए मिनट-मिनट के कार्यक्रम की सूची है और मैं इसी का पालन कर रही हूं. अगर कुछ मतभेद है तो आपको इनका हल पहले करना चाहिए था.”कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस बात को लेकर सीतारमण की निंदा की और आरोप लगाया, ‘रक्षा मंत्री की हमारे मंत्री पर हावी होने की अधिक दिलचस्पी थी, जिससे राज्य के प्रति बीजेपी की ‘‘उदासीनता’’ जाहिर होती है.’

रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को इस घटना पर एक स्पष्टीकरण जारी किया और राज्य के मंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाया. रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा- ‘कार्यक्रम के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के बाद रक्षा मंत्री बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित पूर्व सैन्यकर्मियों से रूबरू हो रही थीं. इसी दौरान जिला प्रभारी मंत्री ने इस पर आपत्ति जताई और जोर दिया कि अधिकारियों के साथ बैठक पहले होनी चाहिए.’

मंत्रालय ने कहा,‘रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि पूर्व सैनिकों का कल्याण मंत्रालय का एक जरूरी हिस्सा है. यह कार्यक्रम के अनुसार ही था. हालांकि, जिला मंत्री ने जोर दिया कि रक्षा मंत्री तत्काल उनके साथ बातचीत को रोककर अधिकारियों के साथ बैठक के लिए चले.’

मंत्रालय ने कहा कि सीतारमण ने तत्काल बैठक रोक दी और अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए वह वहां से चल दी. मंत्रालय के मुताबिक, ‘उस स्थान को पहले से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बनाया गया था और जल्दबाजी में समीक्षा के लिए वहां अधिकारियों को भी बुला लिया गया. सभी मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करना अभूतपूर्व था.’

मंत्रालय ने कहा,‘इसके बाद, रक्षा मंत्री के खिलाफ निजी टिप्पणी की गई जो प्रतिक्रिया देने लायक भी नहीं थी.’ इस घटना के बाद महेश ने कहा कि सीतारमण का बयान कोडागू के लिए केन्द्र से धनराशि की मांग की प्रतिक्रिया के रूप में आया है.



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