हिंदी न्यूज़ – सोशल मीडिया को चुनावी प्रक्रिया प्रभावित करने की इजाजत नहीं होगी: रविशंकर प्रसाद-Social media platforms will not be allowed to abuse election process, says Ravi Shankar Prasad

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव और इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पैनी नजर रख रही है. भारत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के डेटा के कथित तौर पर दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से ले रही है. सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि ऐसे साधनों की मदद से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक अर्जेन्टीना के साल्टा में आयोजित G-20 डिजिटल इकॉनमी मिनिस्ट्रियल मीटिंग को संबोधित करते हुए प्रसाद ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुद्धता से कभी भी समझौता नहीं होना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री ने वादा करते हुए कहा कि जो भी लोग लोकतंत्र की प्रक्रिया को भ्रष्ट करना चाहते हैं, उन्हें रोकने और दंडित करने के लिए भारत हरसंभव उपाय करेगा. प्रसाद ने यह भी कहा कि भारत ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म डेटा के कथित दुरुपयोग को गंभीरता से लिया है. किसी अनुचित मकसद के लिए ऐसे प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.’

ये भी पढ़ें: चुनाव में राज्य निर्वाचन विभाग की सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजरगौरतलब है कि भारत में चुनावों में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का मामला जांच के दायरे में है. सरकार ने इस संबंध में कड़ा कदम उठाने की बात कही है. हाल ही में सीबीआई ने ब्रिटिश पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका के खिलाफ जांच शुरू की है. इस फर्म पर फेसबुक के जरिए भारत के करीब 5 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारियां लीक करने का आरोप है.

इस बीच G-20 इवेंट में बोलते हुए प्रसाद ने कहा है कि डिजिटल प्लैटफॉर्म्स द्वारा हुई आय का एक हिस्सा स्थानीय बाजार में निवेश किया जाना चाहिए. सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि साइबर वर्ल्ड की बॉर्डरलेस प्रकृति में ट्रेड और कॉमर्स के लिए असीमित क्षमता है लेकिन एक सकुशल और सुरक्षित साइबरस्पेस ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के फायदे दे सकता है.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इंटरनेट का आपराधिक उपयोग वास्तविकता है, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है. प्रसाद ने आगे कहा कि कट्टरता फैलाने के लिए भी साइबर मीडियम्स का इस्तेमाल किया जा रहा है और यह एक चुनौती बन चुका है, जिससे निपटने के लिए घरेलू स्तर पर बेहतर कानूनों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी जरूरी है.

केंद्रीय मंत्री ने भारत में सुरक्षित साइबरस्पेस के लिए हरसभंव कदम उठाने की बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार साइबर क्राइम या साइबर धमकी से गंभीरता से निपटेगी. डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत निजता पर भारत की चिंता को सामने रखते हुए प्रसाद ने कहा कि प्राइवेसी इनोवेशन में रुकावट नहीं बनती है और ना ही इसका इस्तेमाल भ्रष्टाचारियों या आतंकियों के लिए ढाल के तौर पर होना चाहिए.

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