हिंदी न्यूज़ – कुमारस्वामी को सीएम बने 100 दिन पूरे होने को आए लेकिन सरकार की स्थिरत पर सवाल कायम-Siddaramaiah’s Family Euro Trip Adds to Instability Talk as Kumaraswamy Nears Day 100 in Office

कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने में महज चार दिन रह गए हैं. लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं में किसी तरह का उत्साह नहीं दिख रहा है. इस मौके पर आयोजन भी खामोशी के साथ ही होने की संभावना है. इसकी वजह जेडीएस और कांग्रेस के इस गठबंधन में को-ऑर्डिनेशन की कमी और एक-दूसरे पर अविश्वास ही है. न तो कांग्रेस और न ही जेडीएस को 100 दिनों के बाद भी आराम से सरकार चल पाने का पक्का यकीन है.

गठबंधन के को-आर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन सिद्धारमैय्या भी जो संकेत दे रहे हैं उससे इस उथल-पुथल में इजाफा ही हो रहा है. शुक्रवार को उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा जाहिर की थी. बाद में भी उन्होंने इसे लेकर किसी तरह की सफाई देने की जहमत नहीं उठाई.

इस बयान के बाद कुमारस्वामी ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि कुछ नेता उनकी सरकार को अस्थिर करने में लगे हुए हैं. उन्होंने साजिश करने वाले किसी नेता का नाम नहीं लिया.

राजनीतिक पंडित इस पूरे मामले को गठबंधन के लिए एक झटके के तौर पर देख रहे हैं और उनका कहना है कि अगर वरिष्ठों ने दखल नहीं दिया तो गठबंधन टूट भी सकता है.ये भी पढ़ें: कांग्रेस नेता सिद्धारमैया बोले- फिर बनूंगा कर्नाटक का सीएम

जेडीएस सूत्रों के मुताबिक कुमारस्वामी को बीजेपी के नेता लुभा रहे हैं और वे भी इस आइडिया के खिलाफ नहीं है कि अगर कांग्रेस प्लग निकाल देती है तो बीजेपी के साथ चले जाना चाहिए. हालांकि वे वर्तमान गठबंधन को सिर्फ अटकलबाजियों के आधार पर भी खत्म करना नहीं चाहते.

कांग्रेस के भी ज्यादातर नेता चाहते हैं कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले लोकसभा चुनावों तक सरकार चलती रहे. सिद्धारमैया अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी गौड़ा परिवार के साथ बहुत मजे में नहीं है.

कुमारस्वामी के एक निष्ठावान कार्यकर्ता के मुताबिक वे बदले की भावना से चल रहे हैं. गौड़ा परिवार के प्रति उनकी नफरत ने उन्हें अंधा कर दिया है. परिवार के साथ सिद्धारमैया की यूरोप यात्रा के कारण भी इस तरह की अफवाहों को बल मिल रहा है. वे पहली सितंबर से इस यात्रा पर जाने वाले हैं. जेडीएस के एक विधायक के मुताबिक, “यूरोप टूर के दौरान उनके लोग बीजेपी में जाकर दलबदल कर सकते हैं और बाहर होने के कारण वे इससे किनारा भी कर लेंगे.”

हालांकि सिद्धारमैया के समर्थक इसे बकवास कह रहे हैं. उनकी दलील है कि वे गौड़ा परिवार को पसंद नहीं करते.फिर भी वे ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे बीजेपी सत्ता में आ जाए.

कांग्रेस के एक एमएलसी के मुताबिक वे राहुल गांधी के प्रति निष्ठावान है. 2013 में राहुल ने ही उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था और सिद्धारमैया उन्हे धोखा नहीं देंगे. फिर से मुख्यमंत्री बनने की टिप्पणी के बारे में इस नेता का कहना है कि वो बात तो उन्होंने अगले विधानसभा चुनाव के बाद के लिए कही है. अगले चुनाव के बाद भी अगर जेडीएस साथ मिल कर चुनाव लड़ती है तो कांग्रेस उसे ही मुख्यमंत्री का पद थोड़े न दे देगी. वे तो अपने असंतुष्ट कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री बनने वाली बात कही. अब मीडिया इसे लेकर बेवजह अटकलें लगा रही है और लोगों को भ्रम में डाल रही है.

न्यूज18 से बात करते हुए जेडीएस के राज्य अध्यक्ष और विधायक एच विश्वनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री बदलने का कोई सवाल ही नहीं है. कुमारस्वामी पूरे पांच साल रहेंगे. उनका कहना है- “ येदियुरप्पा खुद ही बीजेपी के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं. हम उनके साथ क्यों जाएंगे.”

सूत्रों के मुताबिक बीएस येदियुरप्पा को भी लग रहा है कि ये उनके लिए आखिरी मौका है, लिहाजा वे सत्ताधारी गठबंधन में खींचतान का फायदा उठाना चाहते है. वैसे पार्टी हाई कमान लोकसभा चुनाव के पहले सरकार को अस्थिर नहीं करना चाहता. लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं की दलील है कि बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व चाहता है कि कुमारस्वामी के शपथग्रहण के दिन हुए इस गठबंधन को तोड़ दिया जाए. इस तरह से सरकार गिराने का आरोप भी नहीं लगेगा और महागठबंधन पर एक नैतिक जीत भी होगी.

न्यूज18 से बातचीत करते हुए येदियुरप्पा ने इस तरह की रिपोर्ट को खारिज किया. उन्होंने कहा कि राज्य इकाई लोकसभा चुनाव पर अपना ध्यान लगा रही है और सरकार को परेशानी में डालने में उसकी कोई रुचि नहीं है. उनका कहना है, “सरकार अपने आप ही गिर जाएगी. हमें कुछ करने की जरूरत नहीं है.”

अगले सप्ताह 105 शहरी निकायों के नतीजे आने हैं उसमें अगर दोनों को कुल मिला कर आधी सीटें मिल जाती है तो गठबंधन को ताकत मिलेगी.

लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति को देखने वाले एक जानकार के शब्दों में, “ कांग्रेस चोटिल हो चुकी है. सिद्धारमैया उनके रनर हैं. वे अनिच्छा से दौड़ रहे हैं. वे खुद भी आउट हो सकते हैं या फिर कुमारस्वामी को भी आउट करा सकते हैं.”

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